Heavy Rain Causes Flooding in West Delhi: पश्चिमी दिल्ली में बारिश ने बढ़ाई जलभराव की समस्या

पश्चिमी दिल्ली में मंगलवार की सुबह से दोपहर तक लगातार बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं जल निकासी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर कर दिया। द्वारका,
पश्चिमी दिल्ली में मंगलवार की सुबह से दोपहर तक लगातार बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी, वहीं जल निकासी व्यवस्था की खामियों को भी उजागर कर दिया। द्वारका, पालम, डाबड़ी, सागरपुर, राजा गर्डन और दिल्ली कैंट जैसे प्रमुख क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को घंटों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे वाहन रेंगते नजर आए और पैदल यात्रियों को भी पानी में से गुजरना पड़ा। द्वारका सेक्टर-2, सेक्टर-4, सेक्टर-7, सेक्टर-14 और रामफल चौक जैसे इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई, जहां से प्रतिदिन हजारों लोग कार्यालय, स्कूल, कॉलेज और मेट्रो स्टेशन तक पहुंचते हैं। जलभराव के कारण सुबह और दोपहर के समय वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। दिल्ली कैंट स्थित एपीएस कॉलोनी के पास और झरेड़ा गांव में भी सड़क पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
सागरपुर के शिवपुरी और नसीरपुर क्षेत्र, पालम के कैलाशपुरी मार्ग, डाबड़ी-गुरुग्राम मार्ग, पालम-डाबड़ी मार्ग और मधु विहार सर्विस लेन पर भी जलभराव की स्थिति बनी रही। कई स्थानों पर पानी इतना भर गया कि सड़क और नाले का अंतर समझना मुश्किल हो गया। इस स्थिति से दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय निवासी प्रवीण सोलंकी ने कहा कि यह समस्या नई नहीं है, हर मानसून में इन क्षेत्रों में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण यह समस्या और बढ़ जाती है। वे कहते हैं कि संबंधित विभाग केवल अस्थायी उपाय करते हैं और स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाते। नागरिकों ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से मांग की है कि जलभराव वाले स्थायी हॉटस्पॉट की पहचान कर वहां दीर्घकालिक समाधान किया जाए। यदि समय पर उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में भी ऐसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।









