Infrastructure Issues in Dhanbad: 74 साल बाद भी निरसा के बेलटिकरी गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

धनबाद के निरसा प्रखंड के बेलटिकरी गांव के निवासी आजादी के 74 वर्ष बाद भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस गांव के लोग प्रखंड मुख्या
धनबाद के निरसा प्रखंड के बेलटिकरी गांव के निवासी आजादी के 74 वर्ष बाद भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। इस गांव के लोग प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचने के लिए 10 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाने को विवश हैं, जबकि वास्तविक दूरी केवल चार किलोमीटर है। इसकी मुख्य वजह गांव के जोरिया पर पुल का न होना है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जिससे बच्चों का मध्य विद्यालय उदयपुर जाना मुश्किल हो जाता है। मजबूरी में बच्चों को पांच किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, और कई बच्चे तो स्कूल जाना ही छोड़ देते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि यदि पुल का निर्माण हो जाता है, तो न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई भी बिना किसी रुकावट के जारी रह सकेगी।
ग्रामीणों ने बताया कि दो पंचायतों में शामिल होने के बावजूद गांव में अब तक एक भी चापाकल नहीं लगाया गया है। पीने के पानी के लिए लोगों को दाढ़ी-चुआं का सहारा लेना पड़ता है। बरसात के दिनों में आवागमन और पेयजल दोनों की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल निर्माण और चापाकल की व्यवस्था करने की मांग की है। खुशरी पंचायत के मुखिया सपन गोराई ने बताया कि जोरिया पर पुल निर्माण के लिए वरीय अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। उनका कहना है कि पुल बनने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
जोरिया पर पुल का निर्माण हो जाने से गांव के लोगों को आने-जाने में काफी सहूलियत होगी। इससे बच्चों की पढ़ाई भी नियमित हो सकेगी। सरकार को इस दिशा में जल्द कदम उठाना चाहिए, क्योंकि शिक्षा सभी का अधिकार है। लेकिन पुल नहीं होने के कारण बरसात में बच्चों की पढ़ाई ठप हो जाती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पुल के साथ-साथ गांव में चापाकल की भी व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पेयजल और बच्चों की शिक्षा दोनों की समस्या का समाधान हो सके। ग्रामीणों की यह मांग समय की आवश्यकता बन गई है, और प्रशासन को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।











