Kidnapping incident in Murthal: मुरथल फ्लाईओवर के नीचे से अपहरण का मामला, 10 दिन बाद दर्ज हुआ केस

गुरुग्राम से बुलाए गए एक व्यक्ति ने मुरथल फ्लाईओवर के नीचे से अपहरण का आरोप लगाया है। पीड़ित, जो मूल रूप से बेंगलुरू का निवासी है, ने बताया कि 20 जुलाई की शाम क
गुरुग्राम से बुलाए गए एक व्यक्ति ने मुरथल फ्लाईओवर के नीचे से अपहरण का आरोप लगाया है। पीड़ित, जो मूल रूप से बेंगलुरू का निवासी है, ने बताया कि 20 जुलाई की शाम को उसे अपनी थार गाड़ी की मरम्मत के लिए वर्कशॉप बुलाया गया था। वहां पर एक व्यक्ति, जिसका नाम हिरेंद्र बताया गया है, ने उसे अपनी गाड़ी में बैठाया और वर्कशॉप की बजाय मुरथल-सोनीपत रोड पर एक खाली प्लॉट पर ले गया। वहां पर हर्षवीर नामक एक अन्य व्यक्ति मौजूद था, जिसने तुरंत ही पीड़ित से उसकी चेन, मोबाइल, पर्स और घड़ी छीन ली। इसके बाद, हर्षवीर ने पिस्तौल दिखाते हुए पीड़ित को जान से मारने की धमकी दी और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने लगा। पीड़ित ने अपनी जान बचाने के लिए अपने दोस्त विनोद को फिरौती की रकम का इंतजाम करने के लिए कहा। अपहरणकर्ताओं ने इस दौरान एक अनजान व्यक्ति को बुलाकर उसे विनोद के बताए स्थान पर भेजा, ताकि वह पीड़ित के घर की चाबी लेकर आए और चेकबुक ले जा सके। देर रात वह व्यक्ति एक लाख 85 हजार रुपये का चेक लेकर लौटा, जिसे अपहरणकर्ताओं ने जबरदस्ती भरवाया। इस दौरान पीड़ित की तबीयत खराब हो गई, जिसके बाद उसे मुरथल में एक अस्पताल से दवा भी दिलाई गई।
अपहरणकर्ताओं ने अंततः पीड़ित को उसकी थार गाड़ी सौंप दी, जो लौटते समय खराब हो गई। पीड़ित ने सुबह करीब पांच बजे अपने घर पहुंचने के बाद मुरथल थाने में जाकर अपनी आपबीती सुनाई और एफआइआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन वहां के पुलिसकर्मियों ने उसे निराश किया और कहा कि मामला दर्ज नहीं किया जाएगा। एक पुलिसकर्मी ने अपहरण के मुख्य आरोपी हर्षवीर को थाने बुलाया और उसके साथ बातचीत करने के बाद उसे सेक्टर-27 थाने जाने के लिए कहा। वहां भी उसकी एफआइआर दर्ज नहीं की गई। पीड़ित ने महसूस किया कि थाने में उसके आने की जानकारी अपहरणकर्ताओं को दी जा रही है, जिससे वह डर गया और वापस गुरुग्राम लौट गया।











