Seizure of Trucks in Madhya Pradesh: चार ट्रक और 100 से अधिक खाली बोरे जब्त, राइस मिल में अवैध भंडारण का भंडाफोड़

मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एथनॉल उत्पादन के लिए चावल के घोटाले में गिरफ्तार आरोपितों की जानकारी के आधार पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। म
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एथनॉल उत्पादन के लिए चावल के घोटाले में गिरफ्तार आरोपितों की जानकारी के आधार पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को एसआईटी ने प्रदेश के पूर्व मंत्री और भाजपा नेता रामकिशोर कावरे के भाई कुमार कावरे के टेकाड़ी स्थित हर्ष राइस इंडस्ट्री में छापा मारा। इस छापे के दौरान टीम ने 100 से अधिक खाली बोरे और चार ट्रकों को जब्त किया। यह कार्रवाई आरोपितों की निशानदेही पर की गई, जो इस घोटाले में शामिल थे। एसआईटी अब इन खाली बोरों और ट्रकों के माध्यम से इस मामले में और सबूत इकट्ठा कर रही है।
एसआईटी की टीम ने जब्त किए गए दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही, भंडारण और वितरण के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के संदिग्ध राइस मिल संचालकों से भी पूछताछ की जा रही है। इस मामले में आरोपितों की संख्या बढ़ने की संभावना है। एसआईटी का मानना है कि यह घोटाला बहुत बड़ा है और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं।
जब्त किए गए खाली बोरे उसी फोर्टिफाइड चावल के हैं, जो भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के नवेगांव डिपो से छिंदवाड़ा के एवीजे ग्रुप के एथनॉल प्लांट के लिए भेजे गए थे। लेकिन, रास्ते में ही इन चावलों को हर्ष राइस मिल में खपाने का काम किया गया। चारों ट्रकों का उपयोग चावल की हेराफेरी के लिए किया गया था, जिसके सबूत एसआईटी के पास मौजूद हैं। इस कार्रवाई के दौरान हर्ष राइस मिल का साझेदार विनोद शर्मा भी मौजूद था, जिसकी जानकारी पर ही एसआईटी ने यह कार्रवाई की। पूर्व मंत्री के भाई कुमार कावरे और उनके भतीजे अविनाश कावरे पर भी कानूनी शिकंजा कसता नजर आ रहा है। एसआईटी की कार्रवाई के बाद इन पर बड़ा एक्शन लिया जा सकता है।









