Management Changes in Ram Temple: जगदीश आफले नए सचिव बन सकते हैं, चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच तेज

अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है, जिसमें इंजीनियर जगदीश आफले को नया सचिव नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। अंतरि
अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है, जिसमें इंजीनियर जगदीश आफले को नया सचिव नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने जगदीश आफले के नाम की पुष्टि की है, जो पहले मंदिर निर्माण परियोजना के प्रबंधक रह चुके हैं। इस बीच, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित नई विशेष जांच टीम (SIT) ने मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले की जांच को तेज कर दिया है। आईजी किरण एस. के नेतृत्व में बनी तीन सदस्यीय SIT ने पहले बैंककर्मियों के बयान दर्ज किए हैं और अब ट्रस्ट के पदाधिकारियों से पूछताछ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। SIT की नई टीम के गठन के बाद से जांच में तेजी आई है और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने का कार्य जारी है। हालांकि, SIT की औपचारिक बैठक अभी तक नहीं हुई है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच की गति बढ़ी है।
नई SIT ने चढ़ावे की गणना करने वाले बैंककर्मियों के बयान दर्ज कर लिए हैं और अब पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से पूछताछ करने के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। SIT बैंकिंग रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर उनसे पूछताछ करेगी। इसके अलावा, ट्रस्ट से जुड़े अन्य पदाधिकारियों, जैसे गोपाल राव, से भी पूछताछ की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के 20 जुलाई के निर्देश के बाद प्रदेश सरकार ने आईजी किरण एस. की अगुवाई में नई तीन सदस्यीय SIT का गठन किया है, जिसमें अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन बर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर भी शामिल हैं।
राम मंदिर प्रबंधन में बदलाव की प्रक्रिया के साथ-साथ नई नियुक्तियों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ने जगदीश आफले को सचिव नियुक्त करने का निर्णय लिया है, और उनकी औपचारिक घोषणा 2 सितंबर को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में की जाएगी। जगदीश आफले, जो महाराष्ट्र के पुणे निवासी हैं, बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा, ट्रस्ट ने प्रवक्ता पद के लिए चयन प्रक्रिया भी जारी रखी है। इस प्रकार, राम मंदिर प्रबंधन में हो रहे इन बदलावों के बीच चढ़ावा चोरी की जांच भी महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है।









