Merchant Ship Attack: कानपुर के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत, शव की तलाश जारी

कानपुर से एक दुखद समाचार सामने आया है, जहां रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान काला सागर में एक मर्चेंट शिप पर ड्रोन हमले में कानपुर के काकादेव शास्त्री नगर निवासी 30 व
कानपुर से एक दुखद समाचार सामने आया है, जहां रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान काला सागर में एक मर्चेंट शिप पर ड्रोन हमले में कानपुर के काकादेव शास्त्री नगर निवासी 30 वर्षीय सागर गुप्ता की मौत हो गई। यह घटना 18 जुलाई को हुई, जब यूक्रेन ने ड्रोन से उस शिप पर हमला किया, जिसमें सागर गुप्ता चीफ ऑफिसर के रूप में कार्यरत थे। मर्चेंट नेवी और डीजी शिपिंग ने 21 और 23 जुलाई को इस घटना की जानकारी दी, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बाद भी सागर का शव उनके परिवार के पास नहीं पहुंचा है। इस स्थिति ने उनके परिवार को गहरे दुख में डाल दिया है। स्वजन ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है ताकि सागर का शव जल्द से जल्द घर पहुंच सके। परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस घटना ने उन्हें पूरी तरह से तोड़ दिया है। सागर गुप्ता की पत्नी शालू और उनके छोटे बच्चे इस दुखद समाचार को सहन नहीं कर पा रहे हैं।
सागर गुप्ता की तैनाती रूस में थी, और वह 14 जुलाई को घर से निकले थे। उनके बड़े भाई मनीष गुप्ता ने बताया कि सागर की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मर्चेंट नेवी ने सागर के साले को इस घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार के सभी सदस्य शोक में डूब गए। सागर गुप्ता के परिवार में उनकी पत्नी, एक सात महीने का बेटा और एक पांच साल की बेटी है। उनके पिता का निधन 2005 में हो चुका है, और अब परिवार की जिम्मेदारी उनके बड़े भाई मनीष पर आ गई है। सागर की मां और बहनें भी इस दुखद घटना से बेहद प्रभावित हैं। परिवार का कहना है कि सागर की मौत के बाद उन्हें अंतिम दर्शन तक नहीं हो सके हैं, जिससे उनका दुख और बढ़ गया है।









