MSME Payment Issues: एमएसएमई के भुगतान संबंधी समस्या के निपटान में आएगी तेजी, राज्य सभा में बिल पेश

नई दिल्ली से जागरण ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसए
नई दिल्ली से जागरण ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 प्रतिशत से अधिक का योगदान देने वाले सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के भुगतान संबंधी समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के लिए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मंगलवार को राज्य सभा में एमएसएमई विकास (संशोधन) बिल, 2026 पेश किया। इस बिल का उद्देश्य एमएसएमई के भुगतान में देरी को कम करना और उनके बकाए का निपटारा करना है। हालांकि, इस दौरान राज्य सभा में विपक्षी दलों द्वारा नीट परीक्षा के मुद्दे पर हंगामा करने के कारण बिल पर कोई चर्चा नहीं हो सकी। मंत्री ने बताया कि एमएसएमई विकास कानून 2006 में बनाया गया था, और अब इसमें सुधार की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इस संशोधित बिल के पारित होने के बाद, एमएसएमई अब अपने खरीदारों के खिलाफ डिजिटल रूप से शिकायत कर सकेंगे और उनकी शिकायतों की सुनवाई भी डिजिटल माध्यम से होगी। इससे न केवल मामले के निपटारे में तेजी आएगी, बल्कि खरीदारों को एमएसएमई के बकाए को अधिक समय तक रोकने की अनुमति नहीं होगी। मंत्री ने बताया कि यदि एमएसएमई के मामले का निपटान छह महीने से अधिक समय लेता है, तो अदालत बिना किसी निर्णय के एमएसएमई को बकाए राशि का 50 प्रतिशत भुगतान करने का आदेश दे सकती है। यह कदम एमएसएमई के लिए एक महत्वपूर्ण राहत साबित हो सकता है, जो अक्सर अपने बकाए को समय पर प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
वर्तमान में, एमएसएमई को 45 दिनों के भीतर भुगतान प्राप्त करना आवश्यक है, और यदि खरीदार समय पर भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें बकाए पर ब्याज देने का प्रावधान है। लेकिन कई बार खरीदारों द्वारा भुगतान में देरी की जाती है, जिससे एमएसएमई को वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस नए डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से, छोटे शहरों के उद्यमियों को भी अपने बकाए के लिए लड़ने का अवसर मिलेगा, क्योंकि उन्हें शिकायत दर्ज कराने और सुनवाई के लिए बड़े शहरों में स्थित फैसिलेटेशन सेंटर में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह कदम न केवल एमएसएमई के लिए फायदेमंद होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा।









