School Infrastructure Issues: मुरादाबाद के 14 परिषदीय विद्यालयों में एक ही कमरे में चल रहीं 3-3 कक्षाएं

मुरादाबाद नगर क्षेत्र के 14 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का संचालन एक गंभीर समस्या बन गया है। इन विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं और पृथक भवन की व्यवस्था न
मुरादाबाद नगर क्षेत्र के 14 परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा का संचालन एक गंभीर समस्या बन गया है। इन विद्यालयों के भवन जर्जर हो चुके हैं और पृथक भवन की व्यवस्था न होने के कारण एक ही कक्ष में दो से तीन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इस स्थिति ने विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षण व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाला है। विभागीय जानकारी के अनुसार, इन विद्यालयों को सुरक्षा के मद्देनजर अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन नए भवनों का निर्माण अब तक नहीं हो सका है। ऐसे में विद्यार्थियों को सीमित स्थान में पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।
पुलिस लाइंस परिसर में संचालित कंपोजिट विद्यालय पीटीसी का उदाहरण लिया जाए तो यह विद्यालय पिछले एक साल से सिर्फ दो कमरों में संचालित हो रहा है। इस विद्यालय में कक्षा एक से आठ तक के 91 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें असहजता का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय में शौचालय की अलग व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण विद्यार्थियों को पुलिस लाइंस स्कूल के शौचालयों का उपयोग करना पड़ता है। इस विद्यालय में केवल एक शिक्षिका तैनात हैं, और पिछले वर्ष छात्र संख्या 105 से घटकर 91 रह गई है। यह स्थिति अन्य विद्यालयों में भी देखने को मिल रही है, जहां विद्यार्थियों को एक ही कमरे में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
प्राथमिक विद्यालय कटघर पश्चिमी बालक, प्राथमिक विद्यालय कटघर पश्चिमी कन्या, प्राथमिक विद्यालय कटघर पूर्वी कन्या, प्राथमिक विद्यालय गाड़ी खाना, प्राथमिक विद्यालय कटघर पूर्वी बालक, प्राथमिक विद्यालय उडपुरा, कंपोजिट विद्यालय मकबरा, प्राथमिक विद्यालय बरवाला, प्राथमिक विद्यालय गल शाहिद, कंपोजिट विद्यालय मुगलपुरा, प्राथमिक विद्यालय असालतपुर कदम, प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन, कंपोजिट विद्यालय पीटीसी, और अन्य विद्यालय भी इसी समस्या का सामना कर रहे हैं। इन विद्यालयों के लिए यू-डायस स्तर से सूची बनाकर जानकारी भेजी जाती है, लेकिन पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया और नए भवनों के निर्माण की व्यवस्था शासन स्तर से ही की जाएगी। इस समस्या का समाधान न होने तक विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित होती रहेगी।









