NEET Paper Leak Action Intensifies: CBI Presents 20,000-Page Charge Sheet in Court

neet ug पेपर लीक मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (cbi) ने राउज एवेन्यू कोर्ट में बताया कि इस मामले में चार्जशीट लगभग 20,000 पन्नों की है।
NEET UG पेपर लीक मामले में कार्रवाई तेज हो गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने राउज एवेन्यू कोर्ट में बताया कि इस मामले में चार्जशीट लगभग 20,000 पन्नों की है। कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि वह चार्जशीट के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज भी जमा करे। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब युवाओं ने पेपर लीक के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया और सरकार से उचित कार्रवाई की मांग की। CBI ने कोर्ट में यह भी स्पष्ट किया कि चार्जशीट में शामिल बयानों और अन्य दस्तावेजों को लेकर कुछ सवाल उठाए गए हैं। इसके चलते CBI ने अतिरिक्त दस्तावेजों को जमा करने के लिए कोर्ट से समय मांगा है। CBI का कहना है कि वे अभी उन दस्तावेजों की स्कैनिंग कर रहे हैं जो चार्जशीट में शामिल हैं। कोर्ट ने CBI को समय दिया है और मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
चार्जशीट में कुल 13 लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें एनटीए के जीवविज्ञान विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रल्हाद विट्ठलराव और भौतिकी विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार का नाम शामिल है। इसके अलावा, चार्जशीट में कई बिचौलियों के नाम भी दर्ज हैं, जिनमें मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे, शुभम मधुकर खैरनार, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे का नाम शामिल है। इस मामले में लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के मालिक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर और पुणे स्थित एपीएमए कोचिंग इंस्टीट्यूट के भौतिकी संकाय और सीओओ तेजस हर्षदकुमार शाह का नाम भी शामिल है।
इस चार्जशीट के जरिए CBI ने यह स्पष्ट किया है कि पेपर लीक मामले में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत हैं। यह मामला न केवल छात्रों के भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है। युवा वर्ग ने इस मामले में सरकार से कार्रवाई की मांग की है और अब देखना यह है कि CBI इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है। अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी, जब कोर्ट में इस मामले की और जानकारी प्रस्तुत की जाएगी। यह मामला शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण घटना है और इससे जुड़े सभी पक्षों की नजरें अब कोर्ट पर टिकी हुई हैं।









