New B.Ed Rules in Bihar: बिहार में अब BA-BSc के साथ होगी B.Ed की पढ़ाई

पटना में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के हालिया आदेश के बाद, बिहार में एकल बीएड कॉलेजों को अब बहुविषयक संस्थानों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुर
पटना में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के हालिया आदेश के बाद, बिहार में एकल बीएड कॉलेजों को अब बहुविषयक संस्थानों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह निर्णय बीएड पाठ्यक्रम के संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव के कारण लिया गया है। अब बीएड की पढ़ाई केवल बहुविषयक कॉलेजों में ही होगी, जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार की उम्मीद की जा रही है। एनसीटीई ने अप्रैल 2025 में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनके अनुसार सरकारी और निजी 352 बीएड कॉलेजों को इस बदलाव के दायरे में लाया जाएगा। उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी एकल बीएड कॉलेज अब डिग्री कॉलेजों में मर्ज हो जाएंगे। इसके अलावा, 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले एकल बीएड कॉलेजों को अन्य डिग्री कॉलेजों के साथ मिलकर बीएड की पढ़ाई करनी होगी। प्रत्येक कोर्स में 50 छात्रों को दाखिला दिया जाएगा। एनसीटीई ने देश के सभी 15 हजार से अधिक बीएड कॉलेजों को 2030 तक मल्टीडिसिप्लिनरी में तब्दील करने का लक्ष्य रखा है। इस पहल से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा मिलने की संभावना है।
उच्च शिक्षा को विस्तार देने की इस मुहिम के तहत, एकल बीएड कॉलेजों को बहुविषयक संस्थानों में बदलने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत अब इन संस्थानों में बीए, बीएससी और बीकाम जैसे पाठ्यक्रम भी संचालित होंगे। एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, उच्च शिक्षा विभाग इस बदलाव को लागू करने की तैयारी कर रहा है। यह माना जा रहा है कि इस पहल से राज्य के सभी संस्थानों के संसाधनों और क्षमताओं का अध्ययन कर उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। एनसीटीई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, उन बीएड कॉलेजों को राहत मिलेगी जो छात्रों और आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण बंद होने के कगार पर थे। एनसीटीई ने 2030 तक सिंगल डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई करने वाले बीएड कॉलेजों को मर्ज करने का विकल्प दिया है। इसके लिए दोनों कॉलेजों को एक समझौता करना होगा, जिससे वे एक-दूसरे के शिक्षक और बुनियादी ढांचे का उपयोग कर सकेंगे।









