New Deadline for File Processing: बिहार सरकार ने फाइलों के निबटारे के लिए सख्त आदेश जारी किया

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने फाइलों की धीमी गति से निबटारे की समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक सख्त आदेश जारी किया है। मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग द्
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार सरकार ने फाइलों की धीमी गति से निबटारे की समस्या को गंभीरता से लेते हुए एक सख्त आदेश जारी किया है। मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के तहत, यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी फाइल किसी एक टेबल पर तीन दिनों से अधिक नहीं रखी जाएगी। इस आदेश का उद्देश्य फाइलों के निबटारे की गति को तेज करना और समय पर कार्यवाही सुनिश्चित करना है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर फाइलों को अगली इकाई के पास नहीं भेजा गया, तो देरी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इस संदर्भ में सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी राजेन्द्र ने सभी कर्मचारियों को समय का ध्यान रखने की सलाह दी है।
आदेश के अनुसार, सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को फाइलों के संचालन के लिए समय-सीमा का पालन करना होगा। प्रत्येक फाइल के साथ विषय का सारांश भी लिखा जाना अनिवार्य है। इसके अलावा, किसी भी कर्मचारी के अवकाश पर रहने की स्थिति में विकल्प की व्यवस्था करनी होगी, ताकि अनुपस्थिति को देरी का बहाना न बनाया जा सके। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया है कि वे फाइलों की गति पर नियमित समीक्षा करें और संचित फाइलों का वर्गीकरण उनकी उपयोगिता के अनुसार करें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि फाइलें क्रियाशील और अक्रियाशील श्रेणियों में विभाजित रहें।
सामान्य प्रशासन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि पाक्षिक समीक्षा बैठक में नई और पुरानी फाइलों की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत करनी होगी। अधिकारियों को यह बताना होगा कि कितनी फाइलें निष्पादित हुई हैं और लंबित फाइलें किस स्तर पर और क्यों लंबित हैं। इसके अलावा, न्यायालय में लंबित मामलों के निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है। यदि किसी मामले में प्रतिशपथ पत्र दाखिल नहीं किया गया है, तो इसे एक सप्ताह के भीतर दाखिल करने के लिए कहा गया है। प्रत्येक बुधवार को सभी शाखाओं के अधिकारी लंबित फाइलों की सूची तैयार करेंगे और उसे मुख्यालय के स्थापना शाखा में भेजेंगे। विभागीय बैठकों में संबंधित कर्मियों की उपस्थिति को अनिवार्य किया गया है। इस सख्त आदेश के माध्यम से बिहार सरकार ने फाइलों के निबटारे की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समयबद्ध बनाने का प्रयास किया है।









