Polling Station Changes: संभल में 40 नए मतदान केंद्रों की योजना

संभल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद मतदाता संख्या में कमी का असर अब मतदान व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। निर्वाचन आयोग ने जिले के
संभल जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बाद मतदाता संख्या में कमी का असर अब मतदान व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। निर्वाचन आयोग ने जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों में बूथों और मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग के मानकों के अनुसार, प्रत्येक मतदान बूथ पर लगभग 1200 मतदाता निर्धारित किए जा रहे हैं। पहले जिले में कुल 15,70,306 मतदाता थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर 13,43,051 रह गई है। इनमें 7,37,943 पुरुष, 6,05,039 महिला और 69 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। जिले का लिंगानुपात 820 है, जो कि एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है। मतदाता संख्या में कमी के कारण मतदान बूथों की संख्या भी घटने की संभावना है।
पहले जिले में 901 मतदान केंद्रों पर 1,862 बूथ थे, लेकिन पुनर्निर्धारण के बाद मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 942 होने का प्रस्ताव है। वहीं, बूथों की संख्या घटकर लगभग 1,825 रहने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि जिले में करीब 37 बूथ कम हो सकते हैं। विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार, असमोली विधानसभा में सबसे अधिक 15 बूथ कम होने का अनुमान है, जबकि संभल विधानसभा में बूथों की संख्या यथावत रहने की उम्मीद है। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी मतदाता संख्या के अनुपात में पुनर्गठन किया जा रहा है।
इस बार पुनर्निर्धारण के दौरान केवल मतदाता संख्या ही आधार नहीं होगी, बल्कि जिन मतदान केंद्रों पर एक ही परिसर में अधिक बूथ होने के कारण मतदान के दिन अत्यधिक भीड़ और लंबी कतारें लगती थीं, वहां वैकल्पिक भवन तलाशकर नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। इससे मतदाताओं को अलग-अलग स्थानों पर मतदान की सुविधा मिल सकेगी और भीड़ का दबाव कम होगा। इसके साथ ही, तहसीलदार और संबंधित एसडीएम की रिपोर्ट के आधार पर जर्जर भवनों में संचालित मतदान केंद्रों को भी सुरक्षित भवनों में स्थानांतरित किया जाएगा। निर्वाचन आयोग मतदाता संख्या, भौगोलिक स्थिति, भवन की उपलब्धता और मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अंतिम सूची तैयार करेगा। इस प्रक्रिया के तहत जर्जर भवनों में संचालित मतदान केंद्रों का पुनर्निर्धारण किया जा रहा है। जहां एक ही केंद्र पर अत्यधिक भीड़ रहती है, वहां वैकल्पिक स्थान तलाशकर नए मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ने से मतदाता संख्या कम होने के बावजूद मतदान की प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। सभी विधानसभा क्षेत्रों में यह प्रक्रिया चल रही है और अगले कुछ दिनों में इसे पूरा कर लिया जाएगा।









