Power Supply Issues: रुस्तमपुर फीडर में बिजली कटौती से उपभोक्ता परेशान

रामपुर कारखाना क्षेत्र के पांडेचक विद्युत उपकेंद्र से जुड़े रुस्तमपुर फीडर के हजारों उपभोक्ता इन दिनों अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण गंभीर परेशानियों का सामना
रामपुर कारखाना क्षेत्र के पांडेचक विद्युत उपकेंद्र से जुड़े रुस्तमपुर फीडर के हजारों उपभोक्ता इन दिनों अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। पिछले कई दिनों से रात के समय बिजली की कटौती हो रही है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी में रातें जागकर बितानी पड़ रही हैं। इस समस्या के चलते क्षेत्र में लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात लगभग 12 बजे के बाद रुस्तमपुर फीडर की बिजली आपूर्ति फॉल्ट का हवाला देकर बंद कर दी जाती है, जबकि आसपास के अन्य क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति सामान्य बनी रहती है। इससे लोगों को घरों से बाहर निकलकर सड़क, छत और बरामदों में समय बिताना पड़ रहा है। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ता मुरलीधर निषाद, संजय श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान योगेंद्र यादव, इकबाल अहमद और नितेश श्रीवास्तव ने विभागीय कर्मचारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत के लिए फोन करने पर भी संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। उनका कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उपभोक्ता आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से फीडर की तकनीकी खामियों को दूर करने और नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि गर्मी के इस मौसम में रात के समय बिजली कटौती लोगों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गई है। इस संबंध में अवर अभियंता अखिलेश गुप्ता ने बताया कि रुस्तमपुर फीडर पर बढ़े हुए लोड के कारण तकनीकी समस्या उत्पन्न हो रही है। ओवरलोड की वजह से रात में आपूर्ति बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि विद्युत कर्मचारी लगातार मरम्मत और सुधार कार्य में जुटे हैं तथा जल्द ही समस्या का समाधान कर सुचारु विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं ने आशा व्यक्त की है कि विभाग जल्द ही इस समस्या का समाधान करेगा ताकि उन्हें और अधिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इस मुद्दे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी विभागीय अधिकारियों से चर्चा की है और समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है।









