Railway QR Code System: रेलवे का QR कोड बताएगा टिकट असली या नकली, कहां से खरीदी गई ये भी चलेगा पता; फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम

दीपक बहल, अंबाला। भारतीय रेलवे ने टिकटों की फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और टिकट जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक नई तकनीक का सहारा लिया है। अब यूटीएस
दीपक बहल, अंबाला। भारतीय रेलवे ने टिकटों की फर्जीवाड़े पर रोक लगाने और टिकट जांच प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए एक नई तकनीक का सहारा लिया है। अब यूटीएस काउंटर (अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम) से जारी होने वाले टिकटों पर क्यूआर कोड छापे जा रहे हैं। यह क्यूआर कोड टिकट जांच के दौरान टीटीई और अन्य जांच स्टाफ द्वारा हैंड हेल्ड टर्मिनल से स्कैन किया जाएगा, जिससे तुरंत यह पता चल सकेगा कि टिकट असली है या नकली। इस प्रक्रिया के माध्यम से टिकट का पूरा विवरण जैसे कि टिकट किस स्टेशन से जारी हुआ, किस काउंटर से खरीदा गया, जारी करने का समय और अन्य आवश्यक जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी। यदि टिकट फर्जी है या उसमें किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गई है, तो सिस्टम तुरंत इसकी जानकारी दे देगा। इससे पहले कई टिकटों के स्कैन न होने के कारण यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
रेलवे ने यह नई व्यवस्था फर्जी टिकटों के मामलों में बढ़ोतरी के बाद लागू की है। इसके लिए सेंट्रल फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम (क्रिस) ने एक विशेष साफ्टवेयर विकसित किया है, जो टिकट के क्यूआर कोड का मिलान केंद्रीय डाटाबेस से करता है। इससे टिकट की वास्तविकता की तुरंत पुष्टि हो जाती है। हाल के दिनों में रेलवे में फर्जी टिकटों के जरिए यात्रा करने की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद यह नई व्यवस्था लागू की गई। यूटीएस काउंटर से जारी होने वाले टिकटों पर विशेष क्यूआर कोड प्रिंट किया जा रहा है, जिससे यदि टिकट को पहले किसी स्टेशन पर स्कैन किया गया है, तो उसका रिकॉर्ड भी मशीन में उपलब्ध हो जाएगा।









