UP: रूस जा रहे जहाज के चीफ ऑफिसर की ड्रोन हमले में मौत

कानपुर के मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत ने उनके परिवार में गहरा दुख पैदा कर दिया है। सागर की पत्नी शालू और उनकी पांच साल की बेटी गौरी इस घटना को
कानपुर के मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत ने उनके परिवार में गहरा दुख पैदा कर दिया है। सागर की पत्नी शालू और उनकी पांच साल की बेटी गौरी इस घटना को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। शालू दिन में कई बार अपने पति का मोबाइल फोन मिलाती हैं, उम्मीद में कि शायद सागर की आवाज सुनाई दे। गौरी, जो अपने पिता के पुराने वीडियो देखकर खेलती है, बार-बार कहती है कि अगर पापा इस बार उसके लिए बार्बी ड्रेस नहीं लाए, तो वह उनसे बात नहीं करेगी। यह स्थिति सागर के परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी अत्यंत दुखदायी है, जो पिछले 10 दिनों से शोक में डूबे हुए हैं। सागर की शादी छह साल पहले हुई थी और उनके दो बच्चे हैं, एक पांच साल की बेटी और एक आठ महीने का बेटा। शालू ने बताया कि सागर का आखिरी फोन 17 जुलाई को आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि लाइन क्लियर नहीं है और बाद में बात करेंगे। इस बात को सुनकर शालू के भाई शोभित ने बताया कि उन्होंने सागर के शव की तस्वीर देखी थी, लेकिन उन्होंने अपनी बहन को इस बारे में बताने की हिम्मत नहीं की।
सागर का जन्मदिन स्वतंत्रता दिवस के दिन पड़ता था, और वह हर साल इस दिन अपने परिवार के साथ वीडियो कॉल के जरिए केक काटते थे। शालू ने बताया कि उन्होंने कभी भी अपनी शादी की सालगिरह नहीं मनाई, क्योंकि सागर अक्सर काम के सिलसिले में बाहर रहते थे। सागर की मां रामा देवी सुन नहीं सकतीं, इसलिए उन्हें केवल इशारों में बताया गया है कि सागर घायल हुए हैं। वह अपने बेटे की तस्वीर लेकर दरवाजे पर बैठी रहती हैं, उनकी आंखों में उम्मीद की चमक है कि सागर जल्द घर लौटेंगे। सागर के भाई मनीष ने कहा कि सागर परिवार की जिम्मेदारी संभालते थे और उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनके भाई का शव सम्मान के साथ लाया जाए और उनकी बहू को सरकारी नौकरी दी जाए।









