Sawan 2026: 30 जुलाई से सावन शुरू, इस महीने भूलकर भी न करें ये 4 गलतियां

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस महीने में भक्तों को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। धार्मिक मान्य
सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस महीने में भक्तों को भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने का अवसर मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन में केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि खान-पान, व्यवहार और जीवनशैली का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। ज्योतिषविद प्रवीण मिश्र के अनुसार, सावन के महीने में कुछ नियमों का पालन करना और कुछ बातों से परहेज करना आवश्यक है। यदि आप सावन में इन नियमों का पालन करते हैं, तो महादेव की कृपा सदैव आप पर बनी रहेगी। सबसे पहले, रोजाना भगवान शिव का जलाभिषेक करना चाहिए। जल में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाना और कम से कम एक बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसके साथ ही, सावन में मिट्टी से बने पार्थिव शिवलिंग का रुद्राभिषेक कराना भी आवश्यक है। ऐसा करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। हर सोमवार को भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना और गरीबों को भोजन या फल का दान करना भी इस महीने का एक महत्वपूर्ण कार्य है। इस दिन व्रत रखना और भगवान को कच्चा दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा, और आक के फूल अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा, प्रतिदिन शिव पुराण का पाठ करना भी शुभ माना गया है। थोड़ी मात्रा में भी नियमित पाठ करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। दान का महत्व भी इस महीने में बहुत अधिक है। दूध, चावल, चीनी, आटा जैसी सफेद वस्तुओं का दान करना चाहिए। भगवान को खीर का भोग लगाकर उसका प्रसाद वितरित करने से भी पुण्य मिलता है। इस महीने तांबे का लोटा, जल पात्र, मिट्टी या पीतल का घड़ा व शिव पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री मंदिर में दान करने से भी लाभ होता है। रुद्राक्ष की माला से 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप करना चाहिए। यदि आर्थिक रूप से दान संभव न हो तो श्रमदान करना चाहिए। मंदिर की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा में सहयोग करना भी महत्वपूर्ण है।
सावन के महीने में कुछ चीजों से परहेज करना भी आवश्यक है। तामसिक भोजन जैसे प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस महीने विशेष रूप से बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा, कठोर वाणी से बचना चाहिए। गाली-गलौच, क्रोध और कटु भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। मधुर और सकारात्मक व्यवहार रखना चाहिए। परिवार में लड़ाई-झगड़ा, कलह और तनाव से बचना चाहिए। घर का वातावरण शांत और सौहार्दपूर्ण रखना चाहिए। भगवान शिव को चढ़ाए जाने वाले फूलों में केतकी और केवड़ा का फूल नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, तुलसी, सिंदूर, कुमकुम, हल्दी और शंख से जल अर्पित नहीं करना चाहिए। पूजा में लापरवाही से बचना चाहिए। सावन में श्रद्धा, नियम और पवित्रता के साथ भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए। दिखावे से अधिक भाव और समर्पण को महत्व देना चाहिए। यदि आप पूरी श्रद्धा से शिव की उपासना करेंगे, तो आपका उद्धार अवश्य होगा। इस प्रकार, सावन का महीना न केवल पूजा का समय है, बल्कि यह आत्मा की शुद्धि और सकारात्मकता का भी समय है। इस महीने में की गई आराधना और नियमों का पालन आपके जीवन में सुख और समृद्धि लाएगा।









