Sawan 2026: सावन शुरू होने से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, बनी रहेगी भोलेनाथ की कृपा!

सावन 2026: सावन का पावन महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है और यह 28 अगस्त तक चलेगा। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति के लिए समर्पित है और इसे
सावन 2026: सावन का पावन महीना 30 जुलाई 2026 से शुरू होने जा रहा है और यह 28 अगस्त तक चलेगा। यह महीना भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति के लिए समर्पित है और इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना जाता है। इस दौरान घर में सात्विकता, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। शास्त्रों के अनुसार, सावन का महीना शुरू होने से पहले कुछ नकारात्मक चीजों को अपने जीवन और घर से हटा देना चाहिए, ताकि पूजा का पूर्ण फल प्राप्त हो सके। आइए जानते हैं कि सावन शुरू होने से पहले आपको कौन-कौन से काम जरूर निपटा लेने चाहिए।
सावन की शुरुआत से पहले पूरे घर की अच्छी तरह सफाई करें, विशेषकर पूजा स्थान और रसोई की। यदि घर में कोई टूटी-फूटी वस्तुएं, बंद पड़ी घड़ियां, या खंडित मूर्तियां हैं, तो उन्हें तुरंत हटा दें या जल में प्रवाहित कर दें। ऐसा माना जाता है कि खंडित वस्तुएं घर में नकारात्मक ऊर्जा लाती हैं। सावन का महीना संयम और सात्विकता का होता है, इसलिए इस दौरान भोजन की शुद्धता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। सावन शुरू होने से पहले ही घर से तामसिक भोजन, लहसुन, प्याज और मांस-मदिरा जैसी चीजों को हटा दें या इनका सेवन बंद कर दें। रसोई के मसालों और बर्तनों को भी अच्छी तरह साफ कर लेना चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के पवित्र महीने में बाल कटवाना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना वर्जित माना जाता है। यदि आपको बाल या नाखून कटवाने हैं, तो 30 जुलाई से पहले ही यह काम निपटा लें। इसके अलावा, सावन में रोजाना या हर सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया जाता है। पूजा में लगने वाली मुख्य सामग्रियां जैसे- गंगाजल, चंदन, अक्षत, रोली, धूप-दीप, कपूर, जनेऊ, और शहद आदि पहले से ही लाकर रख लें, ताकि पूजा के समय कोई भागदौड़ न हो। यदि आपके घर के मंदिर में शिवलिंग स्थापित है, तो उसकी स्वच्छता का ध्यान रखें। शिवलिंग को साफ जल और गंगाजल से स्वच्छ करें। ध्यान रखें कि घर में अंगूठे के आकार से बड़ा शिवलिंग नहीं रखना चाहिए। यदि शिवलिंग खंडित है, तो सावन से पहले उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर नया शिवलिंग स्थापित करें। सावन के दौरान पूजा-पाठ और व्रत के समय चमड़े से बनी वस्तुओं का प्रयोग अशुभ माना जाता है, इसलिए अपने पूजा कक्ष के आसपास चमड़े के बेल्ट, पर्स या जूते-चप्पल बिल्कुल न रखें।









