Security Measures in Jail: चढ़ावा चोरी के आरोपियों पर कड़ा पहरा

अयोध्या में चढ़ावा चोरी के आरोपियों की जेल में मुलाकात पर कड़ा पहरा लगाया गया है। जेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि आरोपियों से केवल उनके दस चुनिंदा रक्त संबं
अयोध्या में चढ़ावा चोरी के आरोपियों की जेल में मुलाकात पर कड़ा पहरा लगाया गया है। जेल प्रशासन ने यह निर्णय लिया है कि आरोपियों से केवल उनके दस चुनिंदा रक्त संबंधी ही मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा, केवल उनकी पत्नियों को ही उनसे मिलने की अनुमति दी गई है। इस कड़ी सुरक्षा के पीछे जेल प्रशासन की विशेष सतर्कता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि मुलाकात के दौरान कोई भी अनधिकृत व्यक्ति या वस्तु जेल के भीतर न प्रवेश कर सके। मुलाकात की प्रक्रिया भी सामान्य बंदियों से भिन्न है। आरोपियों को अलग कमरे में सीसीटीवी कैमरे के सामने उनके स्वजनों से मिलवाया जाता है, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा सके। इस दौरान स्थानीय अभिसूचना इकाई का एक कर्मी भी मौजूद रहता है, जिससे मुलाकात के समय किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
शनिवार को चढ़ावा चोरी के आरोपित करुणेश और रमाशंकर मिश्र के एक-एक स्वजन ने इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उनसे मुलाकात की। चढ़ावा चोरी के मामले में करुणेश, रमाशंकर मिश्र, रामशंकर यादव, मनीष यादव, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र और अविनाश शुक्ल को जेल भेजा गया है। इन सभी आरोपियों का कस्टडी रिमांड न्यायालय से प्राप्त कर पुलिस ने इनसे पूछताछ की है। जेल में भी इनसे पूछताछ की गई है, और रिमांड के दौरान उनके पास से वाहन, आभूषण, नकदी और संपत्ति से जुड़े अभिलेख बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। इस मामले में एसआइटी जांच भी चल रही है।
चढ़ावा चोरी का मामला अत्यंत संवेदनशील है, और इसके आरोपियों की निगरानी भी उतनी ही सख्त है। मुलाकात के लिए सीमित संख्या में लोगों को अनुमति दी गई है, और उनके लिए आने वाली वस्तुओं की तलाशी उच्चाधिकारियों की निगरानी में कराई जाती है, ताकि जेल में किसी भी प्रकार की अनधिकृत सामग्री का प्रवेश न हो सके। इस प्रकार की सख्त सुरक्षा व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जेल के भीतर कोई भी अव्यवस्था न हो और आरोपियों से मिलने वाले लोगों की पहचान और उनके इरादों की पूरी तरह से जांच की जा सके।









