Shiva Murder Incident: देवबंद में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने किया लाठीचार्ज

देवबंद में शिवा हत्याकांड के विरोध में लोगों ने स्टेट हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिससे वहां अफरा-तफरी क
देवबंद में शिवा हत्याकांड के विरोध में लोगों ने स्टेट हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस कार्रवाई में कई महिलाएं और अन्य लोग घायल हो गए। मृतक शिवा के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस पर बर्बरता का आरोप लगाया है। मंगलवार को करीब तीन बजे शिवा का शव पोस्टमार्टम के बाद देवबंद पहुंचा, जिसके बाद स्वजन में आक्रोश फैल गया। उन्होंने शव को उठाकर सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग पर साईं धाम मंदिर के निकट पहुंच गए और सड़क को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बल्लियां और अन्य सामान लेकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया। महिलाएं सड़क के दोनों ओर बैठ गईं, जिससे पुलिस की स्थिति कठिन हो गई। लोगों की मांग थी कि शिवा की हत्या के दोषियों का तुरंत एनकाउंटर किया जाए। देखते ही देखते वहां भीड़ बढ़ने लगी, जिससे पुलिस को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांग पर अड़े रहे। स्थानीय अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वे नहीं माने। शाम चार बजे एसएसपी अभिनंदन मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस बीच, पुलिस ने कई बार प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए बल्लियों और डंडों को हटाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी फिर से उन्हें सड़क पर रख देते थे।
करीब 5.15 बजे अचानक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसानी शुरू कर दी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने भी पुलिस पर ईंट-पत्थर फेंके। लाठीचार्ज के दौरान एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और कई अन्य लोग भी चोटिल हुए। इस घटना के बाद भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई और स्वजन को शव उठाकर सड़क से हटना पड़ा। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी संयम के महिलाओं और अन्य प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता से लाठियां चलाईं। डीएम अरविंद चौहान भी मौके पर पहुंचे और स्थिति की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता थी।









