Snake Bite Incident: जहरीले सांप से खिलवाड़ युवक को पड़ा भारी, डसने के बाद झाड़-फूंकमें समय गंवाने से थम गईं सांस

बड़ौत (बागपत) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने जहरीले सांप के साथ खिलवाड़ करना महंगा पड़ गया। 35 वर्षीय रजत, जो मधुबन कालोनी का निवासी है, न
बड़ौत (बागपत) से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने जहरीले सांप के साथ खिलवाड़ करना महंगा पड़ गया। 35 वर्षीय रजत, जो मधुबन कालोनी का निवासी है, ने सुबह लगभग 10 बजे गली में एक सांप देखा और बिना किसी डर के उसे पकड़ने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रजत नशे की हालत में था और उसने सांप को पकड़कर उसे अपने मुंह के पास लाने की कोशिश की। इस दौरान सांप ने उसे डस लिया। इसके बाद, रजत ने सांप को दूर फेंक दिया और वहां से भाग गया। मोहल्ले के लोगों ने उसे वापस बुलाया, लेकिन उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने के लिए बावली गांव ले जाया गया। इस प्रक्रिया में लगभग एक घंटे का समय बर्बाद हो गया, जिससे उसकी स्थिति और बिगड़ गई।
जब रजत की हालत में सुधार नहीं हुआ, तो उसके परिवार और मोहल्ले के लोगों ने उसे सीएचसी ले जाने का निर्णय लिया। वहां चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया और एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाए, लेकिन उसकी स्थिति गंभीर होने के कारण उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। रजत की शादी हो चुकी थी, लेकिन पारिवारिक विवाद के कारण उसकी पत्नी काफी समय से मायके में रह रही थी। उसके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था और परिवार में उसकी एक छोटी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है।
बड़ौत सीएचसी के अधीक्षक डा. विजय कुमार ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सांप के डसने की स्थिति में झाड़-फूंक या घरेलू उपचार करने के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि गोल्डन आवर में एंटी-स्नेक वेनम मिलने से कई मरीजों की जान बचाई जा सकती है। यदि इलाज में देरी होती है, तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समय पर चिकित्सा सहायता प्राप्त करना कितना महत्वपूर्ण है।











