Ticket Checking Scam in HRTC: कुल्लू में कंडक्टर को आईडी देकर इंस्पेक्टर ने किया फर्जीवाड़ा

कुल्लू/मंडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचआरटीसी) में एक और टिकट चेकिंग फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस बार कुल्लू डिप
कुल्लू/मंडी से प्राप्त जानकारी के अनुसार, हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (एचआरटीसी) में एक और टिकट चेकिंग फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस बार कुल्लू डिपो से जुड़ा मामला प्रकाश में आया है, जहां एक इंस्पेक्टर ने अपनी पहचान पत्र (आईडी) कंडक्टर को देकर फर्जी निरीक्षण करने का प्रयास किया। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब कंडक्टर ने इंस्पेक्टर की आवाज का ऑडियो रिकॉर्ड कर इसे सार्वजनिक कर दिया। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मंडलीय प्रबंधक ने क्षेत्रीय प्रबंधक को जांच के आदेश दिए हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने संबंधित इंस्पेक्टर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। इसके साथ ही बस के चालक और परिचालक को भी कार्यालय में तलब किया गया है ताकि मामले की पूरी जानकारी प्राप्त की जा सके।
इससे पहले मंडी जिले में भी इसी तरह के फर्जी निरीक्षण का मामला सामने आया था, जिसमें चार इंस्पेक्टरों को निलंबित किया गया था। अब कुल्लू डिपो से भी एक इंस्पेक्टर द्वारा अपनी आईडी कंडक्टर को देकर फर्जी निरीक्षण करने का मामला उजागर हुआ है। कंडक्टर द्वारा प्रसारित किए गए ऑडियो में इंस्पेक्टर की आवाज सुनाई दे रही है, जिसमें वह कंडक्टर को यह समझा रहा है कि निरीक्षण कैसे किया जाना चाहिए। यह ऑडियो रिकॉर्डिंग एक अन्य मोबाइल फोन से की गई है, जिसमें केवल आवाज सुनाई दे रही है, जबकि किसी का चेहरा नहीं दिख रहा है। इस बातचीत में कंडक्टर ने बताया कि बस में कुल 16 यात्री सवार थे, जिसमें से 14 यात्री सामान्य थे और दो की अग्रिम बुकिंग थी।
इस ऑडियो के सार्वजनिक होने के बाद एचआरटीसी की आंतरिक कार्यप्रणाली और बसों की निरीक्षण व्यवस्था पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। मंडलीय प्रबंधक उत्तम सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिवहन निगम यह जानने की कोशिश कर रहा है कि यह ऑडियो कब बनाया गया था। यदि यह पुराना है, तो इंस्पेक्टर और कंडक्टर दोनों से पूछताछ की जाएगी। वहीं, यदि यह नया है, तो कंडक्टर ने अधिकारियों के पास शिकायत करने के बजाय ऑडियो क्यों प्रसारित किया, इस पर भी गौर किया जाएगा। इस प्रकार के फर्जीवाड़े से न केवल निगम की छवि पर असर पड़ता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर भी सवाल उठता है।









