Protest by Traders: करनाल के घरौंडा में चोरों के आतंक से परेशान व्यापारी थाने पहुंचे

घरौंडा शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं से नाराज व्यापारी और स्थानीय लोग मंगलवार को एक अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए घरौंडा पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंन
घरौंडा शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं से नाराज व्यापारी और स्थानीय लोग मंगलवार को एक अनोखे तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने के लिए घरौंडा पुलिस थाने पहुंचे। उन्होंने मुंह पर काली पट्टी बांध रखी थी और हाथों में चोरी के दौरान टूटे ताले लिए हुए थे। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पुलिस प्रशासन से शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और चोरी की घटनाओं पर तुरंत अंकुश लगाने की मांग करना था। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पिछले दो महीनों में शहर में 30 से अधिक दुकानों में चोरी की वारदातें हो चुकी हैं, जिससे व्यापारियों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। कई बार तो चोर एक ही रात में आठ से दस दुकानों को निशाना बना लेते हैं, जिससे छोटे व्यापारियों को लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
व्यापारियों ने बताया कि चोरी की अधिकांश घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को उपलब्ध कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद किसी भी बड़े गिरोह या आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि शिकायतें देने के बाद भी पुलिस की कार्रवाई अपेक्षित गति से नहीं हो रही है, जिससे चोरों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि शहर में रात्रि गश्त को प्रभावी बनाया जाए, संवेदनशील बाजारों में नियमित पेट्रोलिंग की जाए और सीसीटीवी फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की भी मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने व्यापारियों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। सब इंस्पेक्टर मंजीत सिंह ने कहा कि पुलिस प्रतिदिन शहर में नियमित गश्त कर रही है। चोरी की घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए सभी मामलों की जांच सीआईए को सौंप दी गई है, और पुलिस विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही चोरी की घटनाओं का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हुआ, लेकिन व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द चोर गिरफ्तार नहीं हुए और चोरी की घटनाओं पर रोक नहीं लगी, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।









