Disaster Management Initiative: उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम, संचार व्यवस्था में सुधार

केदार दत्त, देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब, जब भी राज्य में प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूस्खलन, बादल फटना, ब
केदार दत्त, देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब, जब भी राज्य में प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूस्खलन, बादल फटना, बाढ़ या भूकंप आएंगे, तब संचार व्यवस्था राहत और बचाव कार्यों में बाधा नहीं बनेगी। राज्य में मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क के ध्वस्त होने की स्थिति में लो अर्थ आर्बिट (लियो) डिवाइस संचार प्रणाली सक्रिय हो जाएगी। यह प्रणाली प्रभावित क्षेत्रों को राज्य और जिला मुख्यालय से जोड़ने का कार्य करेगी। इस उद्देश्य के लिए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) ने सेटेलाइट आधारित इस प्रणाली को खरीदने का निर्णय लिया है। यह खरीद विश्व बैंक द्वारा पोषित यू-प्रिपेयर (उत्तराखंड डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस एंड रेजिलिएंस) प्रोजेक्ट के तहत की जा रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और चयनित एजेंसी को कार्यादेश मिलने के 45 दिन के भीतर उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना का कार्य पूरा करना होगा।
हर साल मानसून और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उत्तराखंड के कई इलाकों में सड़क और संचार नेटवर्क प्रभावित होते हैं, जिससे राहत और बचाव दलों के बीच समन्वय में कठिनाई होती है। नई सेटेलाइट आधारित संचार प्रणाली इस समस्या का समाधान प्रदान करेगी। जब संचार नेटवर्क फेल होगा, तब यह प्रणाली सीधे सेटेलाइट के माध्यम से कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी। यूएसडीएमए के अधिकारियों ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र में मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ध्वस्त होने पर तुरंत लियो डिवाइस सिस्टम लगाया जाएगा। यह प्रणाली 20 किलोग्राम वजनी और बैटरी संचालित है, जो केवल पांच मिनट में सक्रिय होकर पृथ्वी की निचली कक्षा में मौजूद उपग्रह के माध्यम से मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाल कर देती है। इसे वाइफाई के रूप में भी उपयोग किया जा सकता है।









