Action against fake ration card holders: झारखंड में फर्जी राशनकार्ड धारकों पर बड़ा एक्शन, 13000 से अधिक कंपनी डायरेक्टरों के कटेंगे नाम

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में गरीबों के राशन पर कई कंपनियों के डायरेक्टरों ने अवैध तरीके से कब्जा कर रखा है। अब राज्य सरकार ने ऐसे लोगों के नाम राशन कार्ड के
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड में गरीबों के राशन पर कई कंपनियों के डायरेक्टरों ने अवैध तरीके से कब्जा कर रखा है। अब राज्य सरकार ने ऐसे लोगों के नाम राशन कार्ड के लाभुकों की सूची से हटाने का निर्णय लिया है। इस प्रक्रिया के तहत 13,087 ऐसे डायरेक्टरों के नाम शामिल हैं, जो किसी न किसी कंपनी के साथ जुड़े हुए हैं। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस छंटनी की प्रक्रिया को शुरू कर दिया है। विभाग ने सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अयोग्य लाभुकों के नाम राशन कार्ड से रद्द करने की कार्रवाई करें। विभागीय सचिव राजेश कुमार शर्मा ने इस बात की पुष्टि की है कि यह कदम गरीबों को राशन का सही लाभ पहुंचाने के लिए उठाया जा रहा है।
विभाग के स्तर से जारी किए गए परफार्मेंस इंडीकेटर (केपीआई) डेटा के आधार पर लाभुकों के नाम हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इस सूची में सरकारी नौकरी कर रहे 1,272 लोगों के नाम भी शामिल हैं। इसके अलावा, बड़े आयकर दाताओं के नाम भी छंटनी की सूची में शामिल किए गए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी राशन कार्डों की जांच 02 अगस्त 2026 तक की जाएगी और तुरंत रद्द करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसमें कार्ड पर दर्ज सभी सदस्यों को शामिल किया गया है। यह कदम राज्य सरकार की ओर से उठाया गया है ताकि राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
राज्य सरकार के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने अपने पत्र में सभी अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस कार्रवाई की साप्ताहिक समीक्षा करें। इसके साथ ही, पत्र में यह भी कहा गया है कि 31 अगस्त 2026 तक बचे हुए अयोग्य लाभुकों के आधार पर कार्रवाई से वंचित लोगों की सूची सरकार को भेजी जाएगी। झारखंड में बड़ी संख्या में लोगों ने राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है, लेकिन रिक्तियों के कारण कई लोगों के नाम प्रतीक्षा सूची में हैं। अब लाखों की संख्या में लोगों के नाम कटने की संभावना बनती दिख रही है, जिससे नए लोगों के नाम जुड़ने की संभावना भी प्रबल हो रही है। यह कदम राज्य सरकार द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है, जो राशन वितरण में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है।
















