Action against Sarpanch Shipra: छत्तीसगढ़ में जाति प्रमाण पत्र मामले में बड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की कटकोना ग्राम पंचायत की सरपंच शिप्रा को अस्थायी और समाप्त वैधता वाले जाति प्रमाण पत्र के मामले में बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा ह
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले की कटकोना ग्राम पंचायत की सरपंच शिप्रा को अस्थायी और समाप्त वैधता वाले जाति प्रमाण पत्र के मामले में बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। बैकुण्ठपुर के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) उमेश पटेल ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से पृथक करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम, 2004 की धारा 40(1) के तहत की गई है। जांच में पाया गया कि सरपंच द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाण पत्र अस्थायी था, जिसकी वैधता केवल छह माह के लिए थी और यह वर्ष 2010 में समाप्त हो चुकी थी। इस प्रमाण पत्र के आधार पर आदिवासी भूमि के क्रय-विक्रय समेत कई अन्य कार्य किए गए थे, जो अब विवाद का कारण बन गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, कलेक्टर कार्यालय में दर्ज जनदर्शन प्रकरण की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सरपंच शिप्रा का जाति प्रमाण पत्र वैध नहीं था। जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इसी समाप्त हो चुके प्रमाण पत्र के आधार पर कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्य किए गए थे। सक्षम प्राधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की। आदेश में कहा गया है कि पंचायत के निर्वाचित जनप्रतिनिधि का विधिसम्मत रूप से पात्र होना आवश्यक है और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर शिप्रा का पद पर बने रहना अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं पाया गया।
















