Arrest of SP Women's Assembly Secretary: जौहर यूनिवर्सिटी में धरने पर बैठी सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव गिरफ्तार

रामपुर से प्राप्त समाचार के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर गांधी समाधि पर धरना देने आईं सपा महिला सभा की प्रद
रामपुर से प्राप्त समाचार के अनुसार, जौहर यूनिवर्सिटी के भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश को वापस लेने की मांग को लेकर गांधी समाधि पर धरना देने आईं सपा महिला सभा की प्रदेश सचिव नीलम सिंह यादव और उनके समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह घटना तब हुई जब नीलम और उनके समर्थक बिना अनुमति धरना दे रहे थे, जो कि निषेधाज्ञा बीएनएस की धारा 163 का उल्लंघन था। पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन बाद में सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया। नीलम यादव रविवार को प्रयागराज से अपराह्न करीब डेढ़ बजे रामपुर पहुंची और गांधी समाधि पर बैनर लगाकर धरने पर बैठ गईं। उनके धरने की योजना पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही थी, जिसमें उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ आमरण अनशन की चेतावनी दी थी। हालांकि, स्थानीय सपा नेताओं को इस धरने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जब पुलिस और प्रशासन को धरने की जानकारी मिली, तो नगर मजिस्ट्रेट सालिक राम और उप जिलाधिकारी हर्षवर्धन मौके पर पहुंचे। महिला थाना और शहर कोतवाली पुलिस भी वहां पहुंच गई। पुलिस ने उन्हें धरने से हटा दिया और महिला थाने ले गई। इस दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू भी वहां पहुंचे। पुलिस ने धरना दे रहे सभी लोगों को पकड़कर कोतवाली ले जाने का निर्णय लिया। पुलिस ने महिला सभा की प्रदेश सचिव के अलावा उनके साथ आए अन्य लोगों को भी नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की। इनमें जौनपुर के संदीप मौर्या, बागपत के आरिफ, भोजपुर मुरादाबाद के आरिफ खां और पीपलसाना भोजपुर के साने आलम शामिल हैं। कुछ अज्ञात व्यक्तियों को भी प्राथमिकी में शामिल किया गया है। यह प्राथमिकी महिला उप निरीक्षक नीशू कुमारी द्वारा दर्ज की गई थी। सभी आरोपितों को थाने से जमानत मुचलके भरवाकर छोड़ दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि जिले में धारा 163 लागू है और धरने की अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद धरना देने से जाम की स्थिति उत्पन्न हुई, जिसके कारण पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की सतर्कता को भी उजागर किया है, जो बिना अनुमति के धरनों को रोकने के लिए तत्पर है।
















