Attack on Priest Again: लाहिलपार दुर्गा मंदिर के पुजारी पर दोबारा हमला

बरियारपुर। लाहिलपार स्थित दुर्गा मंदिर में पुजारी मेवालाल पर शुक्रवार को हुए हमले की घटना ने एक बार फिर से स्थानीय समुदाय में आक्रोश फैला दिया है। यह घटना उस सम
बरियारपुर। लाहिलपार स्थित दुर्गा मंदिर में पुजारी मेवालाल पर शुक्रवार को हुए हमले की घटना ने एक बार फिर से स्थानीय समुदाय में आक्रोश फैला दिया है। यह घटना उस समय हुई जब पुजारी ने थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। मेवालाल, जो पिछले 40 वर्षों से मंदिर में नियमित रूप से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं, ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति जबरन खुद को मंदिर का पुजारी बताकर मंदिर परिसर में उपद्रव कर रहा है। पुजारी के अनुसार, यह व्यक्ति आए दिन उनके साथ मारपीट करता है और जान से मारने की धमकी देता है। दो सप्ताह पहले भी इसने मेवालाल के साथ मारपीट की थी, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। इस घटना के बाद से ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह जेल से छूटने के बाद मंदिर में आकर श्रद्धालुओं से जबरन चढ़ावे का पैसा मांग रहा है।
मंदिर समिति के सदस्यों ने इस व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मंदिर की दानपेटी बंद होने के कारण चढ़ावे की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि मंदिर में चढ़ने वाले दान और उसके प्रबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो। मंदिर समिति के अध्यक्ष और ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि अब्दुल हसन सोनू ने बताया कि ग्राम सभा की भूमि मंदिर के नाम दर्ज है और मंदिर समिति के अध्यक्ष ग्राम प्रधान पदेन होते हैं। मेवालाल को जबरन हटाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका मंदिर समिति विरोध कर रही है।
इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसओ दीपक सिंह ने बताया कि एक पक्ष ने थाने पर और दूसरे पक्ष ने जिला मुख्यालय पर प्रार्थना पत्र दिया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि घटना की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकार की घटनाएं न केवल धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज में अस्थिरता भी पैदा करती हैं। स्थानीय समुदाय ने पुलिस से अपेक्षा की है कि वह इस मामले में त्वरित कार्रवाई करे ताकि मंदिर में शांति और सुरक्षा बहाल की जा सके।

















