Crime Branch Investigation: विपुल उर्फ खूनी की मुठभेड़ की जांच शुरू

बागपत जिले के सिंघावली अहीर-सैडभर मार्ग पर 25 जुलाई को हुई मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी की जांच अब क्राइम ब्रांच द्वारा की ज
बागपत जिले के सिंघावली अहीर-सैडभर मार्ग पर 25 जुलाई को हुई मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी की जांच अब क्राइम ब्रांच द्वारा की जाएगी। इस मुठभेड़ में विपुल की मौत चार गोलियों लगने से हुई थी। पुलिस ने इस घटना के बाद उसके पास से दो पिस्टल, कारतूस और एक बाइक भी बरामद की थी। विपुल, जो शामली जिले के भभीसा गांव का निवासी था, पर हत्या, लूट और डकैती के 38 मामले दर्ज थे। वह रंगदारी मांगने के मामले में वांछित था, जिसके चलते पुलिस ने उसके ऊपर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुठभेड़ के बाद, एसटीएफ मेरठ और सिंघावली अहीर थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। एसटीएफ के सब-इंस्पेक्टर अरुण निगम ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इस मुठभेड़ की जांच अब क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मुठभेड़ के दौरान क्या घटनाएं घटित हुईं। पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने कहा कि मुठभेड़ की प्राथमिकी पहले सिंघावली अहीर थाने में दर्ज की गई थी, लेकिन अब इसे क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया है ताकि मामले की गहनता से जांच की जा सके। विपुल उर्फ खूनी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा था, और उसकी गतिविधियों ने पुलिस को उसे पकड़ने के लिए मजबूर किया। मुठभेड़ के समय पुलिस ने अपनी सुरक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की थी।
विपुल के खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, लूट, डकैती जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने कई बार प्रयास किए थे, लेकिन वह हमेशा से ही पुलिस की पकड़ से बचता रहा। अब जब उसकी मौत हो गई है, तो यह देखना होगा कि क्राइम ब्रांच इस मामले में क्या निष्कर्ष निकालती है। मुठभेड़ की जांच से यह भी पता चलेगा कि क्या पुलिस की कार्रवाई सही थी या इसमें कोई अनियमितता थी। इस मामले में स्थानीय लोगों की भी निगाहें हैं, क्योंकि विपुल की गतिविधियों ने क्षेत्र में आतंक का माहौल बना रखा था।
















