CAG Report Reveals: यूपी परिवहन विभाग की लापरवाही से हजारों वाहन बिना फिटनेस चल रहे हैं

उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण हजारों वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी
उत्तर प्रदेश में परिवहन विभाग की लापरवाही के कारण हजारों वाहन बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की हालिया रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर हुआ है कि विभाग ने न तो समय पर नोटिस भेजे और न ही आवश्यक शुल्क व जुर्माना वसूला, जिससे लाखों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट के नवीनीकरण में ढिलाई के चलते 1.33 करोड़ रुपये की शुल्क वसूली नहीं हो सकी। इसके अलावा, बिना फिटनेस वाले वाहनों को सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया गया है, जो कि एक चिंताजनक स्थिति है।
सीएजी की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अगस्त 2022 से अक्तूबर 2023 के बीच की जांच में पाया गया कि 2,010 परिवहन और 1,537 निजी वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र समय पर नवीनीकरण नहीं कराए गए। इन वाहनों पर 37.18 लाख रुपये का फिटनेस शुल्क देय था, लेकिन परिवहन विभाग ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। आगरा, बरेली, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, मेरठ, सहारनपुर और वाराणसी के संभागीय परिवहन कार्यालयों में 8,861 परिवहन वाहनों के अभिलेखों की जांच की गई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि फिटनेस समाप्त होने के बाद 894 वाहनों ने बाद में कर जमा किया और 934 वाहनों का चालान किया गया।
















