Drug Trafficking in Himachal: शिक्षा विभाग के कर्मचारी की बर्खास्तगी का मामला

हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ सरकार की जीरो टालरेंस नीति के तहत शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। मंडी जिले के बालीचौकी उपमंडल की राजकीय वरि
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ सरकार की जीरो टालरेंस नीति के तहत शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। मंडी जिले के बालीचौकी उपमंडल की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चैहटीगढ़ में कार्यरत लैब अटेंडेंट महेश्वर सिंह को चरस तस्करी में संलिप्त पाए जाने पर बर्खास्त कर दिया गया है। महेश्वर सिंह, जो द्रंग के नगवाईं क्षेत्र का निवासी है, को फरवरी 2025 में कांगड़ा जिला की जवाली थाना पुलिस ने लगभग 500 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय वह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बालू में तैनात था। गिरफ्तारी के बाद महेश्वर सिंह को छह से 10 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर रखा गया और फिर 28 मई 2025 तक न्यायिक हिरासत में रखा गया। इस दौरान उसने अपनी गिरफ्तारी और आपराधिक मामले की जानकारी अपने विभाग से छिपाए रखी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने तत्कालीन प्रधानाचार्य अशोक कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया। जांच रिपोर्ट में यह सामने आया कि महेश्वर सिंह के भुंतर स्थित बैंक खाते में एक जून 2024 से छह फरवरी 2025 के बीच लाखों रुपये का लेन-देन हुआ था, जिसका वह सही स्रोत बताने में असमर्थ रहा। शिक्षा विभाग ने 30 जून 2026 को उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसके उत्तर में महेश्वर सिंह ने खुद को निर्दोष बताते हुए मामले को उच्च न्यायालय में लंबित होने का हवाला दिया, लेकिन विभाग ने इसे असंतोषजनक पाया।
















