Celebrating Janeshwar Mishra: जनेश्वर मिश्र के विचार आज भी प्रासंगिक

मऊ। नगर के बालनिकेतन स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर बुधवार को समाजवाद के पुरोधा और पार्टी के संस्थापक सदस्य छोटे लोहिया के नाम से विख्यात स्व. जनेश्वर मिश
मऊ। नगर के बालनिकेतन स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर बुधवार को समाजवाद के पुरोधा और पार्टी के संस्थापक सदस्य छोटे लोहिया के नाम से विख्यात स्व. जनेश्वर मिश्र की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व एमएलसी रामजतन राजभर ने दिवंगत जनेश्वर मिश्र के व्यक्तित्व और उनके कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र का जन्म 5 अगस्त 1933 को बलिया के शुभनथहीं गांव में हुआ था। वे डॉक्टर राममनोहर लोहिया के अनन्य अनुयायी थे और उनके विचारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने सात बार केंद्र सरकार में मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, वी.पी. सिंह, चंद्रशेखर, एच.डी. देवेगौड़ा और आई.के. गुजराल जैसी महान हस्तियों के मंत्रिमंडल में विभिन्न मंत्रालयों का पद संभाला। इसके बावजूद, उन्होंने सादगी की मिसाल पेश की और अपने जीवन में कभी भी भव्यता को नहीं अपनाया। केंद्रीय मंत्री रहने के बाद भी उन्होंने अपने जीवनकाल में एक पक्का मकान तक नहीं बनवाया और अपना पूरा जीवन जनसेवा और देश के प्रति समर्पित कर दिया। श्री राजभर ने यह भी बताया कि स्व. जनेश्वर मिश्र जी की सादगी से प्रभावित होकर सपा के संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव ने उनकी स्मृति में लखनऊ में एशिया का सबसे बड़ा जनेश्वर मिश्र पार्क बनवाया। मुलायम सिंह यादव स्व. मिश्र जी को अपना गुरु मानते थे। 22 जनवरी 2010 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनके विचार आज भी आमजन के लिए बेहद प्रासंगिक हैं।
जयंती समारोह में मुख्य रूप से सपा प्रदेश सचिव महेंद्र चौहान, जिला महासचिव कुद्दूस अंसारी, कोषाध्यक्ष रामधनी चौहान, पूर्व जिला महासचिव रामधनी यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज यादव, रामलगन यादव, जिला उपाध्यक्ष अखिलेश यादव, शाहनवाज आलम, रत्नेश भारती जैसे कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। समारोह में सभी ने स्व. जनेश्वर मिश्र के योगदान को याद किया और उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर नेताओं ने कहा कि जनेश्वर मिश्र का जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची राजनीति वही है, जो जनसेवा के लिए समर्पित हो। उनके विचारों को आज भी समाज में लागू करने की आवश्यकता है। इस प्रकार के समारोहों का आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने और नई पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए महत्वपूर्ण है। जनेश्वर मिश्र के विचारों को आज के समय में भी उतनी ही प्रासंगिकता के साथ अपनाने की आवश्यकता है, जितनी कि उनके जीवनकाल में थी। उनकी जयंती पर आयोजित इस समारोह ने यह संदेश दिया कि समाजवाद और जनसेवा की भावना को जीवित रखना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
















