CJP March Controversy: 20 जुलाई की हिंसा पर दिल्ली पुलिस ने दी जानकारी

नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन अचानक हिंसा में बदल गया, जिससे कई सवाल उठने लगे हैं। इस प्रदर्शन में शामिल कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के
नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को आयोजित प्रदर्शन अचानक हिंसा में बदल गया, जिससे कई सवाल उठने लगे हैं। इस प्रदर्शन में शामिल कॉकरेच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च करने की अनुमति थी या नहीं, इस पर अधिकारियों ने स्पष्टता दी है। पुलिस के अनुसार, सीजेपी को इस मार्च के लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं दी गई थी, और प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था की अनदेखी करते हुए भारी भीड़ को संसद की ओर बढ़ने के लिए उकसाया। पुलिस ने इस संबंध में पहले ही आयोजकों को चेतावनी दी थी कि उन्हें निर्धारित क्षेत्र के भीतर ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहिए।
संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने इस मामले में स्पष्ट किया कि सीजेपी को जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकालने या बैरिकेड्स को पार करने की अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए आयोजकों को कई बार चेतावनी दी थी कि उन्हें निर्धारित क्षेत्र से बाहर नहीं जाना चाहिए। इसके बावजूद, सीजेपी के नेताओं ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्मों का उपयोग करके देश के विभिन्न राज्यों से युवाओं और समर्थकों को दिल्ली आने के लिए प्रेरित किया। इस आह्वान का परिणाम यह हुआ कि हजारों लोग जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो गए, जिससे लुटियंस दिल्ली और उसके आसपास की सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई।


















