Medical Education Centers in UP: यूपी में 40 जिला अस्पताल बनेंगे चिकित्सा शिक्षा के केंद्र

उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के 40 जिला चिकित्स
उत्तर प्रदेश के जिला अस्पतालों में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के 40 जिला चिकित्सालयों को चिकित्सा शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इन अस्पतालों में मेडिसिन, सर्जरी, गैस्ट्रोसर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति रोग, पल्मोनरी (फेफड़ा रोग) जैसी 13 विधाओं में पाठ्यक्रम पढ़ाए जाएंगे। राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने इन अस्पतालों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए 153 सीटों और डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए 216 सीटों पर प्रवेश की स्वीकृति प्रदान की है। इससे न केवल जिला अस्पतालों की आकस्मिक चिकित्सा इकाइयों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि डॉक्टरों की कमी की समस्या भी कम होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अधिक से अधिक छात्रों को चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और वे बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सकेंगे।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2023 में जिला चिकित्सालयों में डीएनबी डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इस संदर्भ में पांच जिलों के सात जिला चिकित्सालयों में डीएनबी डिग्री और पोस्ट एमबीबीएस डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अनुमति मांगी गई थी। पहले सत्र में 63 सीटों पर प्रवेश की मान्यता प्राप्त की गई थी। लखनऊ के बलरामपुर चिकित्सालय में दो, श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल चिकित्सालय में तीन, वीरांगना आवंती बाई महिला चिकित्सालय में चार, मेरठ के पीएल शर्मा जिला चिकित्सालय में पांच, टीबी सप्रू जिला चिकित्सालय प्रयागराज में छह, उर्सला अस्पताल कानपुर में सात, और शिव प्रसाद चिकित्सालय वाराणसी में आठ सीटों पर प्रवेश की अनुमति दी गई थी। हालांकि, आगे के शैक्षणिक सत्रों में संसाधनों और शिक्षकों की कमी के कारण मान्यता नहीं मिल पाई।



















