Cooperative Fish Farming Initiative: बिहार में सहकारिता के जरिए मछली पालन को बढ़ावा देने की होगी पहल, रुकेगा पलायन

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में पलायन को रोकने और बेरोजगारी की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और सहकार
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में पलायन को रोकने और बेरोजगारी की समस्या को कम करने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग और सहकारिता विभाग मिलकर काम करेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए मंत्री नंद किशोर राम ने बुधवार को बामेती सभागार में सहकारिता आधारित मात्स्यिकी विकास एवं मत्स्य निर्यात की संभावना पर आयोजित कार्यशाला में कहा कि सहकारिता के माध्यम से मछली पालन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। उनका मानना है कि इस पहल से पलायन की समस्या में कमी आएगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि सिवान में वेटलैंड क्लस्टर बनाकर चौर विकास की योजना बनाई गई है, जिसके लिए नाबार्ड ने 195 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग दिया है। इसके बाद सारण (छपरा), मधुबनी और मोतिहारी में भी इसी तरह के कार्य शुरू करने की योजना है। छपरा में झींगा पालन का कार्य भी किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि भारत में सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक विकास का एक सशक्त माध्यम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास के सपने को साकार करने में सहकारिता का महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार गांवों की गलियों तक विभाग की योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास करेगी। बिहार में मत्स्य पालन को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (एनसीडीसी) और मत्स्य निदेशालय के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।


















