CJP Protest: प्रदर्शनकारी महिला की चोट पर अफवाह या सच? RML अस्पताल ने स्पष्ट की स्थिति

नई दिल्ली में संसद मार्च के दौरान घायल हुई 32 वर्षीय महिला की कान की चोट को लेकर उठे सवालों के बीच राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किय
नई दिल्ली में संसद मार्च के दौरान घायल हुई 32 वर्षीय महिला की कान की चोट को लेकर उठे सवालों के बीच राम मनोहर लोहिया अस्पताल ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किया है। अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि इस मामले में मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) में दर्ज प्रारंभिक जानकारी को अंतिम चिकित्सकीय निष्कर्ष के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। अस्पताल ने यह भी बताया कि जब मरीज अस्पताल पहुंचता है, तब उसकी बताई गई जानकारी को एमएलसी में दर्ज किया जाता है। इस मामले में महिला ने कान में चोट लगने की बात कही थी, लेकिन अस्पताल ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक जानकारी और चिकित्सकीय जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को अलग-अलग दर्ज किया जाता है। इसलिए, एमएलसी में लिखी गई प्रारंभिक जानकारी को अंतिम मेडिकल रिपोर्ट मानना उचित नहीं है।
अस्पताल के अनुसार, डॉक्टरों की जांच में महिला के कान पर एक घाव पाया गया था। इस घाव का उचित उपचार करते हुए टांके लगाए गए। महिला की स्थिति स्थिर होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। आरएमएल अस्पताल ने अपने स्पष्टीकरण में गोली लगने के संबंध में किसी भी तथ्य का उल्लेख नहीं किया है। अस्पताल ने केवल एमएलसी की प्रक्रिया और उसमें दर्ज जानकारी की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि चिकित्सकीय निष्कर्ष डॉक्टरों की जांच के आधार पर निर्धारित होते हैं। यह जानकारी महत्वपूर्ण है क्योंकि इंटरनेट मीडिया पर कुछ दावों में महिला के कान की चोट को गोली लगने से हुई चोट बताया गया था।



















