Closure of Patal Bhuvaneshwar Cave: पिथौरागढ़ की पाताल भुवनेश्वर गुफा अगले दो माह के लिए बंद रहेगी

पिथौरागढ़ की प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा, जो अपने अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के लिए जानी जाती है, आगामी 11 अगस्त से दो माह के लिए दर्शनों के लि
पिथौरागढ़ की प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा, जो अपने अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व के लिए जानी जाती है, आगामी 11 अगस्त से दो माह के लिए दर्शनों के लिए बंद रहेगी। यह निर्णय मानसून के दौरान गुफा के अंदर ऑक्सीजन की कमी के कारण लिया गया है। इस अवधि के दौरान, पर्यटक और श्रद्धालु गुफा के अद्भुत दृश्य और धार्मिक महत्व का अनुभव नहीं कर पाएंगे। पाताल भुवनेश्वर गुफा उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है और यह एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहाँ हर साल हजारों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। गुफा की विशेषता यह है कि यहाँ की प्राकृतिक संरचना और धार्मिक मान्यता इसे एक अद्वितीय स्थान बनाती है।
गुफा के प्रबंधन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि यह निर्णय पर्यटकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मानसून के दौरान गुफा के अंदर जल स्तर बढ़ने और ऑक्सीजन की कमी के कारण यहाँ की स्थिति असुरक्षित हो सकती है। इसलिए, प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि इस अवधि में कोई भी पर्यटक गुफा के अंदर न जाए। गुफा के बंद होने की अवधि 11 अगस्त से शुरू होकर 11 अक्टूबर तक रहेगी, जिसके बाद इसे फिर से खोला जाएगा। इस समय के दौरान, गुफा के आसपास के क्षेत्र में अन्य पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
स्थानीय प्रशासन ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान गुफा के दर्शन के लिए न आएं और अपनी यात्रा की योजना को पुनर्व्यवस्थित करें। पाताल भुवनेश्वर गुफा की विशेषता यह है कि यह न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता भी पर्यटकों को आकर्षित करती है। गुफा के बंद होने से स्थानीय व्यवसायों पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि यहाँ आने वाले पर्यटकों से स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होता है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि गुफा के पुनः उद्घाटन के समय सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा ताकि पर्यटकों को सुरक्षित और सुखद अनुभव मिल सके।
















