Coal Mine Approval Near Bandhavgarh: बांधवगढ़ टाइगर कॉरिडोर के पास तीसरी कोयला खदान को मिली मंजूरी

भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के समीप स्थित बाघ कॉरिडोर के पास तीसरे कोयला ब्लॉक को पर्यावरण मंत्रालय
भोपाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के समीप स्थित बाघ कॉरिडोर के पास तीसरे कोयला ब्लॉक को पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति द्वारा खनन के लिए मंजूरी दी गई है। यह कोल ब्लॉक पिथोरा ईस्ट अंडरग्राउंड कोल माइनिंग ब्लॉक के नाम से जाना जाता है, जो सोहागपुर कोलफील्ड का हिस्सा है। यह ब्लॉक बांधवगढ़-अचानकमार बाघ कॉरिडोर से लगभग डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस महत्वपूर्ण निर्णय को समिति की 27 जुलाई को हुई बैठक में लिया गया, जिसमें पहले से ही अन्य दो कोल ब्लॉकों के लिए भी पर्यावरण मंजूरी देने की सिफारिश की गई थी। इन ब्लॉकों में मरवटोला-सात कोल ब्लॉक और अर्जुन वेस्ट कोल ब्लॉक शामिल हैं, जो क्रमशः 53 मीटर और 3.9 मीटर की दूरी पर हैं।
इन खदानों का स्थान बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से जुड़े उमरिया सामान्य वन मंडल के घुनघुटी और पाली रेंज के जंगलों के निकट है। पिथोरा ईस्ट परियोजना का खनन पट्टा क्षेत्र एक हजार हेक्टेयर से अधिक है, जिसमें 800 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि शामिल है। हालांकि, प्रारंभिक चरण में भूमिगत खनन के कारण केवल 20 हेक्टेयर भूमि पर ही कार्य किया जाएगा। इस परियोजना का संचालन बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। इससे पहले, मरवाटोला-सात परियोजना में लगभग 1,200 हेक्टेयर के पट्टा क्षेत्र में से एक हजार हेक्टेयर से अधिक वन भूमि शामिल है, जिसे रामा सीमेंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आंशिक ओपनकास्ट और आंशिक भूमिगत खनन के रूप में संचालित किया जाएगा।
अर्जुनी वेस्ट कोल ब्लॉक में गंगा खनिज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा भूमिगत खनन किया जाएगा, जिसके लिए लगभग एक हजार हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन प्रस्तावित है। इन खदानों के संचालन से क्षेत्र में पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये खदानें बाघों के प्राकृतिक आवास के निकट स्थित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन खदानों के संचालन से वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके आवास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस प्रकार के निर्णयों से पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
















