Conviction in Saharanpur: देसी शराब में यूरिया मिलाकर नशा बढ़ाने वाले पांच दोषियों को आजीवन कारावास

सहारनपुर में एक महत्वपूर्ण मामले में, अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत की अदालत ने देसी शराब में यूरिया मिलाकर नशा बढ़ाने के आरोप में महिला समेत पांच आरोपितों को
सहारनपुर में एक महत्वपूर्ण मामले में, अपर सत्र न्यायाधीश मिर्जा जीनत की अदालत ने देसी शराब में यूरिया मिलाकर नशा बढ़ाने के आरोप में महिला समेत पांच आरोपितों को दोषी ठहराया है। अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही प्रत्येक पर 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला तब सामने आया जब 13 मई 2021 को जनकपुरी थाने के दारोगा सतेंद्र कुमार शर्मा ने पुलिस टीम के साथ पहलवान पीर के पास दबिश दी थी। इस दौरान चार व्यक्ति मौके से भागने में सफल रहे, जबकि एक महिला, भोली, को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने जब दबिश दी, तो टिन शेड से आठ पेटी देसी शराब बरामद की गई। इनमें से सात पेटियों में 315 पव्वे और एक पेटी में 30 पव्वे शराब थी। इसके अलावा, एक बाल्टी में तीन लीटर अपमिश्रित शराब, एक प्लास्टिक का डिब्बा, एक प्लास्टिक कीप, 15 पौव्वे खाली देसी शराब और एक किलो यूरिया भी बरामद हुआ। गिरफ्तार की गई महिला भोली ने पुलिस को बताया कि वह और उसके साथी मिलकर देसी शराब के पव्वे से मिलावटी शराब बनाते हैं, जिससे शराब की तीव्रता बढ़ जाती है और उन्हें अच्छे दाम मिलते हैं।
पुलिस ने भागने वाले अन्य आरोपितों की पहचान भी की, जिनमें सचिन, सूरज, बादल और डब्बू जायसवाल शामिल हैं। इन सभी को बाद में अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। मामले की विवेचना के बाद पुलिस ने सभी पांच आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद और पत्रावली पर आए साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को सभी आरोपितों को दोषी करार दिया और उन्हें सजा सुनाई। यह मामला न केवल स्थानीय पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता है, बल्कि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने का भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
















