Interim Trade Agreement Progress: भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते की दिशा में काम जारी

नई दिल्ली से पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक
नई दिल्ली से पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को इस बात की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच इस प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर काफी प्रगति हुई है, लेकिन कुछ मुद्दों पर अभी भी अंतिम निर्णय लेना बाकी है। यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने जून में भारत का दौरा किया था, जिसमें व्यापार संबंधों पर चर्चा की गई थी। इस दौरे के दौरान, दोनों पक्षों ने विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया और समझौते के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति जताई।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत सरकार ईरान के चाबहार पोर्ट के संचालन को लेकर सभी साझेदारों और हितधारकों के साथ संपर्क में है। पिछले महीने लोकसभा में यह जानकारी दी गई थी कि चाबहार पोर्ट के लिए अमेरिकी प्रतिबंधों की छूट की समय-सीमा समाप्त होने के प्रभावों को लेकर भारत सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर रहा है। यह पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक महत्व रखता है, और इसके संचालन को सुचारू रखने के लिए सरकार ने सक्रिय कदम उठाए हैं। इस संदर्भ में, जायसवाल ने कहा कि भारत सरकार सभी आवश्यक उपाय कर रही है ताकि चाबहार पोर्ट का संचालन प्रभावित न हो।
इसके साथ ही, यूएई ने भगोड़े हुसैन मोहम्मद शत्ताफ के प्रत्यर्पण के लिए कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों की मांग की है। यह मामला भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि शत्ताफ 2006 में लोनावला में रिटायर्ड मर्चेंट नेवी कैप्टन मनमोहन सिंह विर्दी की हत्या के मामले में वांछित है। भारत सरकार इस प्रत्यर्पण अनुरोध पर काम कर रही है, और इस मामले को लेकर नई दिल्ली यूएई के साथ लगातार संपर्क में है। इसके अलावा, भारत और चीन के बीच संबंधों को बेहतर बनाने के लिए भी कई कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें कैलास मानसरोवर यात्रा का पुनरारंभ और नागरिक उड्डयन संपर्क को बहाल करना शामिल है। इन प्रयासों से दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
















