Court issues directive on liquor shop licenses: शराब की दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किए जाने में स्पष्टता नहीं: हाई कोर्ट

प्रयागराज से विधि संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश में शराब दुकानों के लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की
प्रयागराज से विधि संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश में शराब दुकानों के लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने आबकारी आयुक्त को निर्देश दिया है कि वे शराब नीति के तहत 12 अगस्त को कोर्ट में उपस्थित हों। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया और न्यायमूर्ति विनय सरन की खंडपीठ ने आगरा के विजय कुमार कुलश्रेष्ठ द्वारा दायर याचिका की सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शराब की दुकानों के लाइसेंस बिना यह बताए जारी किए जा रहे हैं कि वे किस विशिष्ट स्थान पर खोली जाएंगी। यह स्थिति न केवल कानून के प्रति लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि इससे स्थानीय निवासियों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
याचिका के पक्ष में अधिवक्ता श्रीकृष्ण शुक्ल ने कोर्ट में अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि याची के घर के ठीक सामने शराब की दुकान खोली गई है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। खंडपीठ ने इस मामले में मौजूदा शराब नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह आवश्यक है कि लाइसेंस जारी करने से पहले स्थान का स्पष्ट निर्धारण किया जाए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि स्थानीय निवासियों की भावनाओं का सम्मान किया जाए और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कोर्ट ने इस मामले में पहले भी कई आदेश पारित किए हैं, जो इस बात का संकेत देते हैं कि यह मामला कितना गंभीर है।
















