Datia By-Election Results: 2028 के मूड का संकेत देंगे

राज्य ब्यूरो, भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम केवल भाजपा या कांग्रेस की हार जीत तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह मिशन 2028 की तैयारियों और जनता के मूड की
राज्य ब्यूरो, भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के परिणाम केवल भाजपा या कांग्रेस की हार जीत तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह मिशन 2028 की तैयारियों और जनता के मूड की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होंगे। यह उपचुनाव 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद होने वाला चौथा उपचुनाव है, जिसमें भाजपा ने पहले तीन उपचुनावों में दो-एक से बढ़त बनाई है। अब दतिया उपचुनाव का परिणाम यह बताएगा कि किस दल का ग्राफ बढ़ेगा और किसका घटेगा। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इस उपचुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत और संगठनात्मक क्षमताओं की परीक्षा के रूप में देख रहे हैं।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में यह पहला विधानसभा चुनाव है। उन्होंने दतिया में चुनाव के दौरान लगातार प्रवास किया और पार्टी की चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी। इस उपचुनाव के परिणाम को उनके संगठनात्मक नेतृत्व और चुनाव प्रबंधन की पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है। वहीं, कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था, लेकिन आर्थिक अनियमितता से जुड़े एक मामले में न्यायालय ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई, जिसके कारण वह अयोग्य हो गए और उनकी सदस्यता समाप्त हो गई। इस कारण उपचुनाव की आवश्यकता पड़ी।
उपचुनाव में भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को उम्मीदवार बनाया है। दोनों दलों ने इस उपचुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकी है। दतिया में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से लेकर पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं ने प्रचार किया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता भी दतिया पहुंचे, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह चार दिन तक यहां रहे। इस उपचुनाव के परिणाम से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के संगठनात्मक नेतृत्व और चुनाव प्रबंधन की कसौटी पर कसा जाएगा, वहीं कांग्रेस के पीढ़ी परिवर्तन और संगठन सृजन की परीक्षा भी होगी।















