E20 Fuel Controversy: गडकरी का इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से कोई लेना-देना नहीं

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का हालिया बयान चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनका e20 या इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम स
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का हालिया बयान चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा है कि उनका E20 या इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से कोई लेना-देना नहीं है। गडकरी, जो इथेनॉल और वैकल्पिक ईंधनों के सबसे बड़े समर्थक माने जाते हैं, ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि E20 फ्यूल को लेकर उनके मंत्रालय का कोई अधिकार नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में E20 फ्यूल को लेकर बहस चल रही है। गडकरी ने कहा कि उन्होंने रात 8 बजे 100 प्रतिशत इथेनॉल से संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर किए हैं, लेकिन यह स्पष्ट किया कि यह उनके मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। इस प्रकार, उनके बयान से यह सवाल उठता है कि आखिरकार E20 और इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम में क्या अंतर है।
गडकरी ने अपनी याचिका में कहा है कि सोशल मीडिया पर उनके परिवार को E20 पॉलिसी से आर्थिक लाभ के लिए जोड़ा जा रहा है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने मेटा, एक्स, गूगल और यूट्यूब के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिसमें उन्होंने 11 करोड़ रुपये का हर्जाना भी मांगा है। उनका कहना है कि E20 पॉलिसी के निर्माण में उनकी कोई भूमिका नहीं है, और यह पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का काम है। इस मंत्रालय का काम यह तय करना है कि पेट्रोल में कितना इथेनॉल मिलाया जाएगा, और यह कि E20 जैसी व्यवस्था कैसे लागू होगी। इस प्रकार, गडकरी का यह कहना कि E20 पॉलिसी उनके मंत्रालय के अधीन नहीं है, प्रशासनिक दृष्टि से सही है।


















