Electric Bus Operations Resumed in Gorakhpur: गोरखपुर में बहाल हुआ इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, आश्वासन के बाद परिचालकों ने खत्म की हड़ताल

गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सोमवार को सुबह 11 बजे से पुनः शुरू हो गया, जब परिचालकों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। यह निर्णय परिवहन निगम क
गोरखपुर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सोमवार को सुबह 11 बजे से पुनः शुरू हो गया, जब परिचालकों ने अपनी हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। यह निर्णय परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक लव कुमार सिंह द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद लिया गया। इससे पहले, लगभग 70 परिचालक महेसरा डिपो में सुबह पांच बजे से धरने पर बैठे थे, जिसका कारण समय पर वेतन न मिलना और कम वेतन का भुगतान था। परिचालकों ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग एजेंसियां मनमानी कर रही हैं और पुरानी एजेंसी ने उन्हें दो महीने का मानदेय नहीं दिया है। नई एजेंसी ने भले ही वेतन दिया है, लेकिन वह भी कम है। परिचालकों ने अपनी समस्याओं को लेकर नोडल अधिकारी से बात की, जिसके बाद उन्होंने एजेंसी संचालक से वार्ता की और तत्काल पूरा मानदेय देने का निर्देश जारी किया।
हड़ताल के कारण महानगर में एक भी इलेक्ट्रिक बस नहीं चल रही थी, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। नौकरीपेशा लोग, छात्र, मरीज और व्यवसायी सभी प्रभावित हुए। इलेक्ट्रिक बस परिचालक जून और जुलाई से ही अपने वेतन की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अगस्त में जब उन्हें कम वेतन मिला, तो उनका गुस्सा और बढ़ गया। जानकारी के अनुसार, इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति ने परिचालकों को तैनात करने वाली एजेंसी बदल दी है, जिससे परिचालकों को नई एजेंसी के अधीन काम करना पड़ रहा है। पुरानी एजेंसी ने उन्हें अंतिम दो माह का मानदेय नहीं दिया है, जबकि नई एजेंसी का कहना है कि वह पुराना वेतन क्यों दे। इस स्थिति में परिचालक दोनों एजेंसियों के बीच फंस गए हैं।
















