Supreme Court to Hear Accountability in Parliament March Violence: CJP की जवाबदेही तय होगी, गालीबाजों को 7 दिन की जनसेवा?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक रिटायर्ड वायु सेना अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह याचिका 20 जुलाई को आयोजित 'संसद
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक रिटायर्ड वायु सेना अधिकारी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह याचिका 20 जुलाई को आयोजित 'संसद मार्च' से संबंधित है, जिसमें आयोजकों की जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने कोर्ट में कहा कि आयोजक न केवल स्थिति को नियंत्रित करने में असफल रहे हैं, बल्कि वे इसे और भड़काने का काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि आयोजकों द्वारा दिए जा रहे गैर-जिम्मेदाराना बयानों के कारण समाज में वैमनस्य फैल रहा है। यह स्थिति चिंताजनक है और इसके खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।
अधिवक्ता ने यह भी उल्लेख किया कि दुर्भाग्यवश, कुछ युवा लड़के और लड़कियां अत्यंत आपत्तिजनक और गाली-गलौज वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मामलों में एफआईआर भी दर्ज की जा रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि इन युवाओं के खिलाफ एक समान नीति अपनाई जानी चाहिए, जिसके तहत उन्हें कम से कम सात दिन का सामुदायिक सेवा का काम दिया जाए। इससे न केवल उन्हें अपनी गलती का एहसास होगा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी मौका मिलेगा।
















