Family Court in Chandigarh: हाईकोर्ट ने प्रशासन से मांगा जवाब, पारिवारिक मामलों का निपटारा कैसे होगा?

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट की स्थापना न होने के मुद्दे पर यूटी प्रशासन को नोटिस जारी किया है। यह आदेश पीपल वे
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट की स्थापना न होने के मुद्दे पर यूटी प्रशासन को नोटिस जारी किया है। यह आदेश पीपल वेलफेयर सोसाइटी द्वारा दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान दिया गया। याचिका में यह कहा गया है कि देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पारिवारिक विवादों के त्वरित और संवेदनशील निपटारे के लिए फैमिली कोर्ट स्थापित किए गए हैं, लेकिन चंडीगढ़ में अब तक ऐसा कोई अलग फैमिली कोर्ट नहीं बनाया गया है। इसके परिणामस्वरूप, तलाक, भरण-पोषण, बच्चों की अभिरक्षा और अन्य पारिवारिक मामलों में पक्षकारों को सामान्य अदालतों में लंबा इंतजार करना पड़ता है। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि फैमिली कोर्ट अधिनियम, 1984 का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक विवादों का सौहार्दपूर्ण और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
अलग फैमिली कोर्ट की अनुपस्थिति में, मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती है, जो कि अधिक तनावपूर्ण और समय लेने वाली होती है। याचिकाकर्ता का कहना है कि फैमिली कोर्ट होने से मामलों की सुनवाई एक संवेदनशील वातावरण में होती है, जिससे विवादों का समाधान जल्दी और प्रभावी तरीके से किया जा सकता है। इसके बावजूद, चंडीगढ़ में इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि चंडीगढ़ में फैमिली कोर्ट की स्थापना में अब तक क्या कारण रहे हैं और इस दिशा में क्या कदम उठाए गए हैं।
















