Treasure Hunt Leads to Desecration: फतेहपुर में मजार खोदने से हिंदू-मुस्लिम समुदायों में रोष

फतेहपुर जिले के सिलमी गांव में एक 200 वर्ष पुरानी मजार, जिसे खोजकरक बाबा के नाम से जाना जाता है, को बुधवार रात खजाने के लालच में करीब आठ फीट खोदकर क्षतिग्रस्त क
फतेहपुर जिले के सिलमी गांव में एक 200 वर्ष पुरानी मजार, जिसे खोजकरक बाबा के नाम से जाना जाता है, को बुधवार रात खजाने के लालच में करीब आठ फीट खोदकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। यह मजार हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए आस्था का केंद्र है, और इसकी इस तरह की बर्बरता से दोनों समुदायों में रोष फैल गया है। गांव की कुल आबादी लगभग 4500 है, और इस घटना ने स्थानीय निवासियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। मजार के प्रति श्रद्धा रखने वाले लोग इस घटना को न केवल धार्मिक अपमान मानते हैं, बल्कि यह भी महसूस करते हैं कि यह उनके समुदाय की एकता को भी प्रभावित कर सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर पुलिस से दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू कर दी है। किशनपुर थाना प्रभारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। मजार के नीचे खोदे गए गड्ढे को तुरंत ठीक कर दिया गया है। स्थानीय निवासियों ने इस घटना के खिलाफ आवाज उठाई है और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। गांव के इमरान खुर्शीद, निखिल, लतीफ, आयुष, अंकुश, और मुरलीधर मौर्य जैसे लोगों ने मिलकर पुलिस प्रशासन से अपील की है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। नवरात्र के दौरान इस मजार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है, और ऐसे में इस घटना ने सभी को चिंतित कर दिया है।
















