Flood Preparedness in Delhi: आईटीओ बैराज पर खुले रहेंगे 32 गेट, डिजिटल निगरानी से मिलेगी बाढ़ की चेतावनी

दिल्ली में वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ से सबक लेते हुए यमुना के जल प्रबंधन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपी
दिल्ली में वर्ष 2023 की भीषण बाढ़ से सबक लेते हुए यमुना के जल प्रबंधन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपी गई रिपोर्ट में जानकारी दी है कि अब आईटीओ बैराज के सभी 32 गेट स्थायी रूप से खुले रखे जाएंगे। यह निर्णय यमुना के जल प्रवाह को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाने के लिए लिया गया है, जिससे बाढ़ के दौरान जलभराव का खतरा कम हो सके। इस कदम का उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में जल स्तर को नियंत्रित करना और संभावित नुकसान को न्यूनतम करना है। इसके अलावा, बैराज पर अत्याधुनिक पर्यवेक्षी नियंत्रण और डाटा अधिग्रहण (स्काडा) प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिससे यमुना के जलस्तर, पानी के बहाव और अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों की रियल टाइम निगरानी संभव होगी। यह प्रणाली जल प्रबंधन में एक नई दिशा प्रदान करेगी और बाढ़ की चेतावनी को समय पर देने में मदद करेगी।
इस नई प्रणाली के तहत, जल स्तर की निगरानी के लिए विभिन्न सेंसर लगाए जाएंगे, जो लगातार आंकड़े प्रदान करेंगे। इससे अधिकारियों को जल स्तर में होने वाले बदलावों के बारे में तुरंत जानकारी मिलेगी। इस प्रकार, बाढ़ की स्थिति में त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा, इस प्रणाली के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भविष्य के जल प्रबंधन योजनाओं में भी किया जाएगा। हरियाणा सरकार का मानना है कि इस पहल से बाढ़ की स्थिति को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा और इससे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।















