Rising Ganga Water Level in Hapur: प्रशासन ने किया अलर्ट, कई गांवों पर खतरा मंडरा रहा

ब्रजघाट (हापुड़) से संवाद सहयोगी के अनुसार, पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार वर्षा के कारण गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटों में 28 सेंटीमीटर की वृ
ब्रजघाट (हापुड़) से संवाद सहयोगी के अनुसार, पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही लगातार वर्षा के कारण गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटों में 28 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। बुधवार को गंगा का जलस्तर येलो अलर्ट से मात्र 27 सेंटीमीटर नीचे रह गया है। इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने गंगा किनारे स्थित गांवों पर नजर रखने का निर्णय लिया है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर में वृद्धि के कारण स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ गई है। गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि का मुख्य कारण पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार वर्षा है। इस वर्षा के परिणामस्वरूप बैराजों से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे जलस्तर में वृद्धि हो रही है। बुधवार सुबह 8 बजे हरिद्वार बैराज से 99680 क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 131666 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद दोपहर एक बजे हरिद्वार से 178171 क्यूसेक और बिजनौर से 166891 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस प्रकार, लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अगले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है।
इस स्थिति के कारण गढ़मुक्तेश्वर के गंगा खादर के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों में बेचैनी बढ़ गई है। नयागांव इनायतपुर, अब्दुलापुर, कोथला, रामपुर न्यामतपुर, आलमगीरपुर, मोहम्मदपुर शाकरपुर, लठीरा, कृष्णावाली मंढैया, नयाबांस बख्तावरपुर, चक लठीरा, काकाठेर की मंढैया, लठीरा और ब्रजघाट के पास बसे गंगानगर में रहने वाले लोग जलस्तर की वृद्धि को लेकर चिंतित हैं। एसडीएम श्रीराम यादव ने बताया कि गंगा के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और सभी संबंधित टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है।

















