Haryana Police Recruitment: माता-पिता दोनों के निधन पर ही मिलेगा अनाथ श्रेणी का वेटेज

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। हरियाणा हाई कोर्ट ने अनाथ अभ्यर्थियों को पुलिस भर्ती में दिए जाने वाले वेटेज के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट कि
दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। हरियाणा हाई कोर्ट ने अनाथ अभ्यर्थियों को पुलिस भर्ती में दिए जाने वाले वेटेज के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल पिता की मृत्यु होने पर किसी अभ्यर्थी को अनाथ नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने कहा कि अनाथ की परिभाषा के अनुसार, केवल वही अभ्यर्थी अनाथ माना जाएगा, जिसके माता-पिता दोनों का निधन हो चुका हो। यह निर्णय उस समय आया है जब हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) द्वारा जारी भर्ती विज्ञापन में अनाथ और विधवा श्रेणी के अभ्यर्थियों को पांच अंकों का वेटेज देने का प्रावधान था।
जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस अमरिंदर सिंह ग्रेवाल की खंडपीठ ने हरियाणा पुलिस भर्ती से संबंधित 51 अपीलों को स्वीकार करते हुए 16 मई 2023 के सिंगल बेंच के फैसले को रद कर दिया। अदालत ने यह भी कहा कि पिता की मृत्यु की स्थिति में यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि या तो पिता की मृत्यु 42 वर्ष की आयु से पहले हुई हो या अभ्यर्थी की 15 वर्ष की आयु से पहले। इस मामले में विवाद तब बढ़ा जब कुछ अभ्यर्थियों ने यह दावा किया कि विज्ञापन में केवल पिता की मृत्यु का उल्लेख है, इसलिए यदि मां जीवित है, तो भी उन्हें अनाथ मानकर वेटेज दिया जाना चाहिए।
इस दलील को पहले सिंगल बेंच ने स्वीकार कर लिया था, जिससे कई चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियों पर संकट आ गया था। इसके बाद, चयनित अभ्यर्थियों और एचएसएससी ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की। डिवीजन बेंच ने कहा कि किसी भी नियम की व्याख्या करते समय सबसे पहले उस प्राधिकरण की व्याख्या को महत्व दिया जाएगा, जिसने वह नियम बनाया है। यदि अदालत नियम निर्माता की मंशा से भिन्न अर्थ निकालती है, तो यह न्यायिक विधिनिर्माण होगा, जिसे कानून अनुमति नहीं देता। इस निर्णय ने हरियाणा पुलिस भर्ती प्रक्रिया में अनाथ अभ्यर्थियों के लिए वेटेज के नियमों को स्पष्ट किया है और इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
















