Gorakhpur Girl Murder Case: पुलिस चिकित्सकों के बयानों से तलाशेगी जवाब

गोरखपुर में बालिका हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब पुलिस की जांच का केंद्र चिकित्सकीय साक्ष्यों पर आ गया है। पुलिस ने निर्णय लिया है कि वह पोस्टमा
गोरखपुर में बालिका हत्या मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब पुलिस की जांच का केंद्र चिकित्सकीय साक्ष्यों पर आ गया है। पुलिस ने निर्णय लिया है कि वह पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों के बयान दर्ज करेगी। इन बयानों के माध्यम से पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि बालिका के शरीर पर मिले चोटों की प्रकृति क्या है, ये चोटें किस कारण से लगी हैं और कब लगीं। पुलिस यह भी जानने का प्रयास करेगी कि क्या ये चोटें किसी धारदार हथियार, ईंट या किसी अन्य कठोर वस्तु से लगी थीं, या फिर शव मिलने के बाद किसी अन्य कारण से स्थिति में बदलाव आया। इस मामले में दो पुरुष और एक महिला चिकित्सक के पैनल ने बालिका का पोस्टमार्टम किया था, जिसमें यह सामने आया था कि उसके शरीर पर पांच चोटों के निशान थे। पुलिस अब इन चोटों के संबंध में चिकित्सकों से अलग-अलग जानकारी प्राप्त करेगी।
पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि ये चोटें जीवित अवस्था में लगी थीं या मृत्यु के बाद। चिकित्सकीय दृष्टि से इन चोटों के संभावित कारणों की भी जांच की जाएगी। पुलिस ने बताया कि इन बयानों को विवेचना का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा। अब तक की जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शरीर पर मिली चोटों के पीछे किसी धारदार या कठोर हथियार का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। इसके अलावा, शव की क्षतिग्रस्त स्थिति को लेकर भी चिकित्सकीय राय ली जाएगी कि यह वारदात के दौरान हुई या शव खुले स्थान पर पड़े रहने के बाद अन्य कारणों से ऐसा हुआ।















